ग्रेटर नोएडा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से हर कोई सदमे में हैं. शुक्रवार की रात महेश, उनकी पत्नी ललिता और तीन बच्चे रात को मैगी खाकर सोए और फिर शनिवार की सुबह उनके कमरे में उनके शव पड़े मिले. सभी की मौत हो चुकी थी। शुरुआती जांच में मामला फूड पॉइजनिंग का समझ आया. लेकिन जांच आगे बढ़ी तो बात कुछ और ही निकली.
जानकारी के मुताबिक इन सभी की मौत फूड पॉइजनिंग से नहीं बल्कि जहर खाने से हुई थी. एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस सूत्रों ने बताया कि महेश ने ही सभी की मैगी में जहर मिलाया था जिसे खाकर पांचों की मौत हो गई. महेश के फोन से एक ऑडियो मिला है जिसमें उसने मौतों का जिम्मेदार उसकी दो बहनों और जीजा को बताया है. पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार कर लिया है.
संपत्ति विवाद के कारण मौत: रबूपुरा के थाना प्रभारी (एसएचओ) सुजीत उपाध्याय ने बताया कि मृतक की दो बहनों और एक जीजा को एक रिश्तेदार की ओर से मिली शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच से संकेत मिलता है कि संपत्ति के विवाद के कारण यह घटना हुई होगी. थाना प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम में जहर दिए जाने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद विसरा के नमूने फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं.
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत का सटीक कारण पता चल सकेगा. महेश, उनकी पत्नी ललिता (35), बेटी मिष्टी (7) और बेटे लड्डू (11) व साक्षात (3) के शव शनिवार सुबह रबूपुरा के पास नगला श्री पदम गांव स्थित उनके घर से बरामद हुए थे.
मानसिक तनाव में था महेश? पुलिस की प्राथमिक जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि मानसिक तनाव और अवसाद के चलते महेश ने परिवार के साथ आत्मघाती कदम उठाया हो. हालांकि, मौत की वास्तविक वजह और घटना के पीछे की परिस्थितियां जांच पूरी होने के बाद ही साफ होंगी. पुलिस आरोपियो से पूछताछ के साथ ही ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य की जांच कर रही है. सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
एसीपी ग्रेटर नोएडा राजीव सिसोदिया ने कहा कि पोस्टमार्टम कराया जा चुका है, साथ ही विसरा भी सुरक्षित रखा गया है. जल्दी ही घटनाक्रम से पर्दा उठा दिया जाएगा.
















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