कानपुर में परेड का 90 फीट का रावण 30 मिनट हुआ ख़ाक, 1 लाख लोग पहुंचे; जय श्रीराम की गूँज

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कानपुर में विजयादशमी पर मंगलवार रात परेड रामलीला ग्राउंड में 90 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया. इससे पहले रात 9:35 बजे आतिशबाजी शुरू हुई, जो करीब आधे घंटे तक चली। आसमान में रंग-बिरंगी आतिशबाजी के साथ भक्ति गीत बजते रहे.

150 साल पुराने परेड रामलीला ग्राउंड में रावण दहन देखने के लिए कानपुर के साथ दूसरे जिलों से भी लोग पहुंचे. यहां रावण की आंखों से अंगारे निकले, मुंह से आग निकली और उसकी गर्दन मैदान में घूमी.

चकेरी के नरेंद्र ग्राउंड में 55 फीट और जाजमऊ की जेके कॉलोनी के सेंटर ग्राउंड में 56 फीट ऊंचे रावण का दहन भी किया गया. दशहरा आयोजनों के दौरान सुरक्षा के लिए परेड में 6 हजार पुलिसकर्मी, PAC की 3 कंपनियां और 700 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहे. अरमापुर और लालबंगला में भी पुलिस बल ने सुरक्षा संभाली.

शहर में दशहरा आयोजनों को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए. परेड में 6 हजार पुलिसकर्मी, पीएसी की 3 कंपनियां और 700 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहे. अरमापुर और लालबंगला में भी पुलिस बल ने संभाला मोर्चा।

पतारा में 60 हजार की लागत से बना 40 फीट का रावण: घाटमपुर क्षेत्र के पतारा में 40 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया। इसे बनाने में 25 दिन लगे और करीब 60 हजार रुपए की लागत आयी. पुतले का चेहरा हूबहू इंसान जैसा बनाया गया, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा. इसकी आंखों की पुतली बनाने के लिए सूरत से कपड़ा मंगाया जाता है। खास बात यह है कि पुतला तैयार करने में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग सहयोग करते हैं। इससे आपसी भाईचारे और एकता का संदेश मिलता है। यहां रात करीब 12 बजे रामलीला मंचन खत्म होने के बाद रावण दहन किया गया.

शास्त्री नगर में 45 फीट का रावण, दशहरा मेले में उमड़ी भीड़: शास्त्री नगर स्थित बड़ा सेंटर पार्क में सार्वजनिक रामलीला कमेटी की ओर से 64वां दशहरा पर्व मनाया गया. यहां 45 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया था. मेला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बच्चे रंग-बिरंगे झूलों का आनंद उठा रहे थे, वहीं लोग दुकानों पर खरीदारी कर रहे थे। मेले में सुबह से ही चहल-पहल और उत्साह का माहौल देखने को मिला।

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