सौ जतन कर 85 साल की वृद्धा को इलाज के लिए कानपुर भागे लेकिन नहीं बच पायी जान

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इरशाद खान,हमीरपुर।
आजकल बुजुर्गों की सेवा और देखरेख करने का दौरा लगभग समाप्त सा ही हो गया है लेकिन कहीं-कहीं यह एक मिसाल बनकर देखने को मिलता है. हमीरपुर में एक बुजुर्ग 85 वर्ष वृद्धा को इलाज के लिए जिस तरह परिजन प्रयास कर रहे थे उसको देखकर लगता है कि नहीं अभी भी बुजुर्गों की सेवा सम्मान और देखरेख करने वाले लोग हैं.

यह मामला सदर कोतवाली इलाके के रमेडी मुहाल की है जहां पर एक बुजुर्ग महिला ने इलेक्ट्रॉल एनर्जी ड्रिंक के धोखे में जहरीला पदार्थ खा लिया जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और उनके घर के परिजन उसको अस्पताल लेकर भागे हमीरपुर के अस्पताल से उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया इसके बाद कानपुर जाना इस वक्त एक दुष्कर कार्य ही है क्योंकि यमुना ब्रिज में बेरिंग रिपेयरिंग का काम चल रहा है और वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद है.

आज सुबह 6:00 बजे मरम्मत के लिए खोला गया लेकिन इस वृद्धा के परिजन पूरे यमुना ब्रिज में जिसकी लगभग 700 मीटर की लंबाई है, को व्हीलचेयर पर लेकर पुल के पार पहुंचे और इसके बाद निजी वाहन से इलाज के लिए वृद्ध महिला को कानपुर मेडिकल कॉलेज ले जाने लगे लेकिन दुर्भाग्य से इलाज के पहले ही इस बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ दिया.

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