आज 25 जुलाई 2026, शनिवार को आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की पावन देवशयनी एकादशी है, आज से श्रीहरि का 4 महीने का शयनकाल शुरू होगा. इसी के साथ चार महीनों के लिए चातुर्मास का आरंभ हो गया है और सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु योग निद्रा में लीन हो गए हैं. धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यह दिन बेहद खास माना जाता है, क्योंकि इस दिन बनने वाले कुछ खास योग और ग्रहों की स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिलता है.
विष्णु जी को सुलाने का समय: आमतौर पर भगवान विष्णु को शयन (योगनिद्रा) कराने का उत्तम समय शाम को संध्या पूजन (शाम 07:15 से रात 08:30 बजे) तक रहता है. जो लोग आज देवशयनी एकादशी पर दिन में शुभ मुहूर्तों में भगवान की पूजा-आरती के बाद शयन कराना चाहते हैं. वे पूजा के बाद भी हरि शयन करा सकते हैं.
हरि शयन मंत्र का जाप: धर्म-शास्त्रों में देवशयनी एकादशी पर श्रीहरि विष्णु को सुलाते समय शयन मंत्र का जाप करना बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. लिहाजा भगवान को सुलाते समय यह शयन मंत्र जरूर पढ़ें.
”सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जगत् सुप्तं भवेदिदम्।
विबुद्दे च विबुध्येत प्रसन्नो मे भवाव्यय।।
मैत्राघपादे स्वपितीह विष्णु: श्रुतेश्च मध्ये परिवर्तमेति।
जागार्ति पौष्णस्य तथावसाने नो पारणं तत्र बुध: प्रकुर्यात्।।”
भगवान विष्णु को सुलाने की विधि: पूजा के बाद भगवान विष्णु को सुलाया जाता है. इसके लिए भगवान विष्णु की सोना, चांदी या तांबा की मूर्ति को सजी हुई शय्या पर लिटाएं. इस दौरान शयन मंत्र पढ़ते रहें. इससे पहले भगवान को फल, मेवे, मिष्ठान आदि का भोग लगाएं. आरती करें. साधक के लिए देवशयनी एकादशी की रात जागरण करते हुए भगवान का भजन करना बेहद शुभ फलदायी माना गया है.
जहां एक ओर यह एकादशी कई राशियों के लिए शुभ फल लेकर आई है, वहीं ज्योतिषीय गणना के अनुसार कुछ ऐसी राशियां भी हैं जिन्हें आज और चातुर्मास के इन चार महीनों के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आज उदया तिथि, ब्रह्म योग और ज्येष्ठा नक्षत्र का संयोग है. इसकी वजह से तीन राशियों के लिए अगले चार महीने थोड़े चुनौती भरे हो सकते हैं.
1. कर्क राशि (Cancer) कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक उथल-पुथल और संभलकर चलने वाला हो सकता है. चातुर्मास के दौरान आपको अपने पेशेवर और पारिवारिक जीवन में तालमेल बिठाने में कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.
चुनौतियां: आर्थिक मामलों में किसी भी तरह का बड़ा जोखिम लेने से बचें. निवेश करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लें अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है. परिवार में किसी बात को लेकर अनबन या गलतफहमी पैदा हो सकती है, इसलिए अपनी वाणी पर संयम रखें.
बचाव और उपाय: मानसिक शांति बनाए रखने के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करें, उन्हें माखन-मिश्री का भोग लगाएं.
2. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में स्वास्थ्य और पैतृक मामलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है. ग्रहों की स्थिति आपके पक्ष में थोड़ी प्रतिकूल हो सकती है, जिससे बनते हुए कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं.
चुनौतियां: गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें और दफ्तर में किसी भी प्रकार के वाद-विवाद या बहस में पड़ने से बचें. पैतृक संपत्ति से जुड़े विवाद लंबा खींच सकते हैं. इसके अलावा, खानपान में लापरवाही के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं परेशान कर सकती हैं.
बचाव और उपाय: नकारात्मकता से दूर रहने के लिए भगवान विष्णु के मंदिर जाएं और पीली मिठाई या केसर का दान करें.
3. धनु राशि (Sagittarius) धनु राशि के जातकों के लिए आज से शुरू हो रहा चातुर्मास खर्चों में बढ़ोतरी लेकर आ सकता है. आर्थिक संतुलन बनाए रखना इस दौरान आपके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी.
चुनौतियां: आमदनी के मुकाबले फिजूलखर्ची और अनावश्यक खर्चे बढ़ सकते हैं, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है. पेशेवर जीवन में सहकर्मियों या वरिष्ठों के साथ वैचारिक मतभेद होने की संभावना है. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निर्णय आपको भारी पड़ सकता है.
बचाव और उपाय: आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाए रखने और बाधाओं को दूर करने के लिए केले के वृक्ष की पूजा करें . उसमें जल व चना दाल अर्पित करें.
















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