लखनऊ में 52 रुपये किलो चीनी बेच रही यूपी सरकार, 5 और 50 किलो के पैकेट पर छूट भी

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दिन पर दिन बढ़ रहे चीनी के दामों के बीच योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मार्केट में 60 से 65 रुपये किलो बिक रही चीनी अब सस्ते दाम में मिलेगी. लखनऊ के लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान परिसर में स्थित चीनी निगम/सहकारी चीनी मिल संघ के चीनी विक्रय केन्द्र पर अब सस्ते दामों में उपलब्ध होगी.

CM योगी के निर्देश पर चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग आमजन को मात्र 52 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी देगा. विभाग के अनुसार, चीनी की यह विशेष बिक्री प्रत्येक कार्य दिवस में नियमित रूप से संचालित होगी. आम नागरिक सुबह 10 से सायं 5 बजे तक गन्ना किसान संस्थान परिसर में चीनी बिक्री केंद्र पर जाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं.

केंद्र पर एक और 02 किलो के पैकेट क्रमशः 52 व 102 रुपये में उपलब्ध रहेंगे. 05 किलो, 50 किलो के पैकेट का मूल्य क्रमशः 250 व 2500 रुपये रखा गया है. बिक्री केंद्र पर उपभोक्ताओं की सुविधा और सुगम खरीदारी के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं. उपभोक्ता अपनी दैनिक आवश्यकता के अनुसार चीनी की खरीदारी कर सकते हैं. गन्ना विकास विभाग ने राजधानी के नागरिकों से अपील की है कि वे इस जनोपयोगी व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं. विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में भविष्य में भी आम जनमानस को इसी प्रकार की व्यावहारिक राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है.

15 दिन पहले सीएम योगी ने तय किया था चीनी का स्टॉक: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 अगस्त को प्रदेशवासियों को भरोसा दिलाया कि था प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है इसलिए लोगों को इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है. योगी ने कहा था कि प्रदेश की चीनी मिलों में वर्तमान में 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार उपलब्ध है.

सीएम ने समीक्षा बैठक में कहा था कि सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है. सीएम योगी ने इस दौरान अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए थे. साथ ही सीएम योगी ने भारत सरकार के निर्देशों का हवाला देते हुए कहा था कि कोई भी डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी भंडार नहीं रख सकेगा और एक समय में 400 टन से अधिक चीनी का भंडारण भी नहीं कर सकेगा. उन्होंने कहा था कि प्रति माह 10 मीट्रिक टन चीनी की खपत करने वाले थोक उपभोक्ता भी 15 दिन से अधिक का भंडार नहीं रख सकेंगे.

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