UP के कौशांबी में 28 साल की महिला कॉन्स्टेबल की थाने में गोली लगने से मौत हो गई. वह महिला थाने की पहरेदारी कर रही थी. कुर्सी पर बैठते समय अचानक उसकी राइफल का ट्रिगर दब गया और गोली चल गई. बुलेट गले को चीरते हुए जबड़े को फाड़कर निकल गई.
थाने में फायरिंग होते ही अफरा-तफरी मच गई. साथी पुलिसकर्मियों ने कॉन्स्टेबल को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना मंगलवार सुबह 10:30 बजे शहर के महिला थाने में हुई.

महिला सिपाही गाजीपुर के दूल्हापुर क्षेत्र के सिखरी गांव की रहने वाली थी. पिता का नाम रविंद्रनाथ यादव है. 3 महीने पहले ही उसकी ट्रेनिंग पूरी हुई थी. उसकी पहली पोस्टिंग कौशांबी के महिला थाने में हुई थी. जून के आखिरी सप्ताह में प्रियंका ने महिला थाने में जॉइन किया था.
ASP बोलीं- कमरे में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला: ASP अमिता सिंह ने बताया- मंगलवार सुबह 10:30 बजे प्रियंका थाने के ऑफिस के बाहर गेट पर कुर्सी पर बैठी थी। किसी काम से वह उठकर गई और 2 मिनट बाद वापस आई. शुरुआती जांच में पता चला है कि जैसे ही वह कुर्सी पर बैठने लगी, तभी अचानक गोली चल गई.

साथी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तो प्रियंका गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली. उसके दाहिने हाथ में राइफल थी. सिपाही के कमरे की तलाशी ली गई. फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए. राइफल को जांच के लिए कब्जे में लिया है.
स्पॉट को सील कर दिया गया है. CCTV फुटेज की जांच की जा रही है. साथी पुलिसकर्मियों से भी जानकारी ली जा रही है. जांच के लिए सीओ सदर सौरभ सामंत के नेतृत्व में टीम बनाई गई है. जांच पूरी होने के बाद घटना की वजह साफ होगी.
प्रियंका के पिता सेना में थे, डेढ़ साल पहले रिटायर हुए: प्रियंका के पिता रवींद्र यादव सेना से डेढ़ साल पहले रिटायर हुए हैं. अभी वह बिल्डिंग मटीरियल की दुकान चलाते हैं. परिवार में मां प्रमिला के अलावा 3 बच्चे हैं. इनमें प्रियंका सबसे बड़ी थी. एक बहन और छोटा भाई सूरज है. दोनों पढ़ाई कर रहे हैं. बेटी की मौत की खबर से मां प्रमिला देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. घटना की सूचना मिलते ही परिवार के लोग कौशांबी के लिए रवाना हो गए हैं.
















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