बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने इस्कॉन के कृष्ण दास ब्रह्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कृष्ण दास को ढाका एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया. बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर मुखर होकर अपनी बात रखने वाले कृष्ण दास प्रभु के खिलाफ हाल ही में देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था. स्थानीय मीडिया आउटलेट्स के मुताबिक सोमवार को बांग्लादेश छोड़ने की कोशिश कर रहे कृ्ष्ण दास प्रभु को एयरपोर्ट पर ही रोक दिया गया और बाद में हिरासत में लिया. हालांकि उनकी गिरफ्तारी को लेकर किसी तरह की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से ही हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरें आना शुरू हो गई थी. इस्कॉन के कृष्ण दास ब्रह्मचारी शुरुआत से ही इन घटनाओं के मुखर विरोधी रहे. वह इन घटनाओं के लिए लगातार यूनुस सरकार की आलोचना करते रहे.
पिछले महीने एक रैली के दौरान यूनुस सरकार पर निशाना साधते हुए ब्रह्मचारी ने कहा था कि अगर कट्टरपंथी समझते हैं, कि वह हमें इस देश से निकालकर शांति से रह सकते हैं. तो वह गलतफहमी में जी रहे हैं. हिन्दुओं और अल्पसंख्यकों को यहां से निकाल दिए जाने के बाद यह देश अफगानिस्तान या सीरिया बन जाएगा. यहां कोई लोकतांत्रिक ताकत नहीं बचेगी. हमारा प्यारा देश बांग्लादेश इस्लामिक कट्टरवाद और सांप्रदायिकता का घर बन जाएगा.
इस्कॉन या बांग्लादेशी सरकार की तरफ से अभी तक कृष्ण दास प्रभु की गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. सूचना प्रसारण मंत्रालय की एक वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने एक्स पर लिखा कि हिंदू नेता और इस्कॉन भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को यूनुस शासन पुलिस द्वारा ढाका में गिरफ्तार किए जाने की सूचना है. हिन्दुओं के खिलाफ होने वाले टारगेट हमले और इस्लामिक कट्टरपंथियों से सुरक्षा के लिए एक विशाल रैली का नेतृत्व करने के बाद कृष्ण दास प्रभु के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया था. कंचन ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के सबसे बड़े नेता को यूनुस शासन की इंटेलिजेंस ब्रांच में ले जाया गया है.














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