ट्रंप की धमकी से डरे खामेनेई! बंकर में जाकर छिपे… तीसरे बेटे को सौंप दी ईरान की कमान

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ईरान और अमेरिका के बीच टकराव की आशंका एक बार फिर गहराती नजर आ रही है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को तेहरान में एक विशेष अंडरग्राउंड शेल्टर में शिफ्ट कर दिया गया है. रिपोर्ट में सरकार के करीबी दो सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि वरिष्ठ सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों ने संभावित अमेरिकी हमले की आशंका को गंभीर खतरे के रूप में आंका है, जिसके बाद यह फैसला लिया गया. इस बीच खामेनेई ने अपने एक बेटे को कार्यकारी कमान सौंप दी है.

ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार यह अंडरग्राउंड सुविधा एक अत्यधिक सुरक्षित और मजबूत ठिकाना है, जिसमें आपस में जुड़े कई सुरंगनुमा रास्ते मौजूद हैं. सूत्रों ने यह भी दावा किया कि खामेनेई के तीसरे बेटे मसूद खामेनेई फिलहाल सुप्रीम लीडर के कार्यालय के दैनिक संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और वही सरकार की कार्यकारी शाखाओं के साथ मुख्य संपर्क का माध्यम बने हुए हैं.

इसी बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट की ओर अपनी सैन्य तैनाती और तेज कर दी है. अमेरिकी नौसेना का USS Abraham Lincoln Carrier Strike Group फिलहाल हिंद महासागर में मौजूद है और इसके आने वाले दिनों में अरब सागर या फारस की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है. इस स्ट्राइक ग्रुप में USS Spruance, USS Frank E. Petersen Jr. और USS Michael Murphy जैसे गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर भी शामिल हैं.

अडवांस्ड एयर पावर से लैस: एयर पावर की बात करें तो इस कैरियर स्ट्राइक ग्रुप में F-35C स्टील्थ फाइटर जेट्स और F/A-18E सुपर हॉर्नेट विमानों को तैनात किया गया है. इसके अलावा अमेरिका ने F-15E Strike Eagles और ब्रिटेन ने Typhoon फाइटर जेट्स भी क्षेत्र में भेजे हैं.

ट्रंप ने मिडिल ईस्ट क्यों भेजा युद्धपोत? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस तैनाती को एहतियाती कदम और शक्ति प्रदर्शन बताया है. उनका कहना है कि यह कदम ईरान को आगे किसी भी तरह के उकसावे से रोकने के लिए उठाया गया है, खासतौर पर प्रदर्शनों पर कार्रवाई और परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच. ट्रंप ने हाल ही में साफतौर से कहा था कि ईरान में नेतृत्व परिवर्त की जरूरत है.

ईरान ने भी अमेरिका को दी है चेतावनी: वहीं ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है. ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी तरह का सैन्य हमला, चाहे वह सीमित ही क्यों न हो, उसे ‘ऑल-आउट वॉर’ माना जाएगा. इसके साथ ही ईरान ने अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है. खामेनेई के अंडरग्राउंड शेल्टर में जाने की खबर को इसी बढ़ते खतरे के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

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