वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कोई ग्रह अपनी चाल बदलता है तो उससे कुछ खास योग बनते हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 06 अक्टूबर को शनि और चंद्र की युति होगी, जिससे विष नामक योग बनेगा. यह योग 3 राशि वालों के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है.
शनि-चंद्र युति: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रह-नक्षत्र समय-समय पर गोचर करते हैं और इस दौरान बनने वाले शुभ-अशुभ योग का सीधा प्रभाव व्यक्ति के जीवन के साथ-साथ विश्व पर भी देखा जाता है. इस वक्त शनि देव मीन राशि में विराजमान हैं और 6 अक्टूबर को चंद्रमा भी मीन राशि में प्रवेश करेंगे.
बनेगा विष योग: ज्योतिष शास्त्र की गणना के अनुसार, शनि और चंद्रमा की इस युति से विष योग का निर्माण होगा. यह योग कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां ला सकता है. आइए जानते हैं किन राशियों को इसका खास प्रभाव झेलना पड़ सकता है.
मेष राशि : मेष राशि के जातकों के लिए यह युति शुभ नहीं कही जा सकती. यह संयोजन आपकी गोचर कुंडली के बारहवें भाव में बनेगा. ऐसे में अचानक खर्च बढ़ सकते हैं. पार्टनरशिप में काम करने वालों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. कार्यस्थल पर अधिकारियों से मतभेद संभव हैं, जिससे मानसिक दबाव बढ़ सकता है. वित्तीय मामलों में जल्दबाजी और जोखिम लेने से बचें. सट्टेबाजी और बड़े निवेश से दूरी बनाए रखें. सावधानी बरतने पर नकारात्मक प्रभाव कुछ हद तक कम हो जाएंगे. इस दौरान आपके ऊपर झूठे आरोप लगने की संभावना भी बनी रह सकती है.
सिंह राशि: सिंह राशि के लिए विष योग का बनना प्रतिकूल रहेगा. यह योग आपके अष्टम भाव में बनेगा, जिससे स्वास्थ्य और वित्तीय चुनौतियां सामने आ सकती हैं. इस समय गुप्त रोग या अचानक स्वास्थ्य समस्या परेशान कर सकती है. सामाजिक छवि और सम्मान बनाए रखने में सावधानी बरतें. किसी भी प्रकार का वित्तीय जोखिम लेने से बचें. कारोबार धीमा पड़ सकता है और पैसों का लेन-देन अटक सकता है.
मीन राशि : मीन राशि वालों के लिए यह योग मिलाजुला फल देने वाला साबित हो सकता है. क्योंकि यह युति आपकी जन्म राशि के प्रथम भाव में बन रही है. किसी को उधार धन देने से बचें, वरना पैसा फंस सकता है. अनावश्यक खर्चों में वृद्धि संभव है. जीवनसाथी की सेहत प्रभावित हो सकती है और दांपत्य जीवन में तनाव के योग बन रहे हैं. वित्तीय धोखाधड़ी से बचें और लेन-देन में विशेष सतर्क रहें.
















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