छोटे शहरों और कस्बों के लिए बजट 2026 उम्मीदों की एक नई किरण लेकर आया है. केंद्र सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि अब विकास की रफ्तार सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहेगी. Tier-2 और Tier-3 शहरों के साथ-साथ अयोध्या, वाराणसी और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों की क्षमता बढ़ाने के लिए ₹5,000 करोड़ खर्च करने का ऐलान किया गया है. सरकार का लक्ष्य इन शहरों को केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि रोजगार और व्यापार के मजबूत आर्थिक हब के रूप में विकसित करना
छोटे शहरों का कायाकल्प: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में साफ संदेश दिया है कि अब विकास की रफ्तार मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रहेगी. गांवों, कस्बों, मजदूरों और छोटे व्यापारियों (MSME) को ग्लोबल मार्केट से जोड़ने की तैयारी है.
यूपी को मिली बड़ी सौगात: चुनावी राज्य उत्तर प्रदेश को बजट में खास तवज्जो मिली है. हाईस्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली–वाराणसी वाराणसी–सिलीगुड़ी वाराणसी में जहाजों की मरम्मत के लिए परिवहन पोर्ट बनेगा. प्रदेश के 75 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण होगा. छोटे तीर्थ स्थलों को भी विकसित किया जाएगा.
इंफ्रास्ट्रक्चर और सेहत पर फोकस: 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों (अयोध्या, गोरखपुर समेत 15 शहर) का इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होगा. जिला अस्पतालों की क्षमता 50% तक बढ़ेगी. सभी जिलों में इमरजेंसी और ट्रामा सेंटर खोले जाएंगे. उद्योग, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत कंटेनर निर्माण के लिए ₹10,000 करोड़ का बजट. सेमीकंडक्टर 2.0 की शुरुआत, नोएडा में सेमीकंडक्टर पार्क से यूपी को फायदा. महात्मा गांधी हैंडलूम योजना की शुरुआत, ‘एक जिला एक उत्पाद’ को बढ़ावा. खेलकूद के सामान देश में ही बनाने पर जोर, मेरठ को मिलेगा विशेष लाभ.
कनेक्टिविटी को नई रफ्तार: देशभर में 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे. यूपी से होकर गुजरने वाला हाईस्पीड नेटवर्क प्रदेश को देश के बड़े बाजारों से जोड़ेगा. राष्ट्रीय जलमार्ग और गंगा में परिवहन से व्यापार को बढ़ावा. सी-प्लेन निर्माण को भी समर्थन दिया जाएगा. कुल मिलाकर बजट 2026 ने साफ कर दिया है कि विकसित भारत की राह अब छोटे शहरों और गांवों से होकर गुजरेगी, जहां आस्था, अर्थव्यवस्था और अवसर तीनों को एक साथ नई ताकत मिलेगी.













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