इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमले में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मारे गए हैं. ईरान की मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की है. हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू भी मारे गए हैं. ईरान में 40 दिन का राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया गया है. खामेनेई के मारे जाने के बाद मध्य पूर्व में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं. ईरान की ओर से भी ज़ोरदार पलटवार किया जा रहा है.
ईरानी सेना ने खतरनाक अभियान की शुरुआत की घोषणा की है. सेना ने कहा कि यह हमला कुछ ही देर में शुरू होगा और क्षेत्र में कब्जे वाले क्षेत्रों और अमेरिकी आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाएगा.
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खामेनेई की मौत का दावा किया था. ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा कि इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक खामेनेई मारा गया. यह ईरान की जनता के साथ-साथ अमेरिका और दुनियाभर के देशों के लिए न्याय है.
दरअसल, इजराइल और अमेरिका ने शनिवार को ईरान में राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला किया। ईरान ने भी इजराइल पर पलटवार करते हुए जवाबी हमले किए.
ईरान का दावा है कि उन्होंने 14 अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया. उन सैन्य अड्डों पर हमले किए हैं, जिसमें सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे गए. ईरान के स्टेट मीडिया के अनुसार, दुबई में स्थित एक सीआईए फैसेलिटी को मिसाइल स्ट्राइक में उड़ा दिया गया. वहीं, दूसरी ओर इज़रायल की ओर से भी ईरान पर लगातार हमला जारी है.

स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया से आई खबरों के अनुसार, इस हमले में 40 से ज्यादा सीनियर अधिकारी को चुन-चुनकर मारा गया है. इसके अलावा, खामेनेई के परिवार से बेटी, पोती, दामाद मोहतबा खामेनेई और बहू जहरा हद्दाद अदेल की मौत हो गई है. इस संयुक्त हमले में ईरान की कमान को बुरी तरह चोट पहुंचाई गई.
मोहम्मद पकपूर, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की ग्राउंड फोर्स के कमांडर, 2025 में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई द्वारा प्रमोट किए गए थे. पकपूर को एक कड़ा और कट्टर हार्डलाइनर माना जाता था, जिन्होंने कई महत्वपूर्ण सैन्य ऑपरेशन्स की कमान संभाली. तेहरान के पास एक स्ट्राइक में उनकी मौत ने ईरानी सैन्य नेतृत्व में भारी खतरा पैदा कर दिया है.
अमीर नासिरजादेह, जो ईरान के डिफेंस मिनिस्टर रहे, एयर फोर्स बैकग्राउंड से ताल्लुक रखते और मिसाइल प्रोग्राम के मास्टरमाइंड माने जाते थे. इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने उनके मुख्यालय को निशाना बनाया, जिसमें उनकी मौत हो गई.

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सुरक्षा क्षेत्र में अली शमखानी, जो खामेनेई के सबसे टॉप सलाहकार और सुरक्षा परिषद के प्रमुख थे, न्यूक्लियर नेगोशिएशन्स में भी अहम भूमिका निभाते थे. वे भी तेहरान के पास हुए स्ट्राइक में अपने परिवार के साथ मारे गए.
IRGC के कुद्स फोर्स के चीफ इस्माइल कानी मिडिल ईस्ट में प्रॉक्सी वॉर के मुख्य आर्किटेक्ट थे, और हिजबुल्लाह तथा हूती जैसे समूहों के साथ उनके गहरे संबंध रहे. कानी भी हालिया ड्रोन स्ट्राइक में टारगेट बने. मोहम्मद बघेरी, आर्म्ड फोर्सेस के चीफ ऑफ स्टाफ और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग के हेड थे. इस हमले में वो भी मारे गए. इन सब के अलावा अयातुल्ला खामेनेई के सीनियर सलाहकार अली शमखानी ईरान पर US-इजरायल के हमले में शहीद हो गए.















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