अमेरिका-ईरान में डील फाइनल, 14 पॉइन्ट्स में समझिए में पूरा मसला; कच्चा तेल बाज़ार धड़ाम

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अमेरिका और ईरान के बीच डील फाइनल हो गई है और अब शुक्रवार को दोनों देश इस समझौते पर साइन कर देंगे. दोनों देशों में युद्धविराम पहले से ही लागू है। चार दिन बाद होर्मुज भी खुल जाएगा फिर दुनिया एक बड़े संकट से उबरने लगेगी. बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव 107 दिनों से जारी था. दोनों देशों के बीच समझौते पर स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे. पाकिस्तान ने बहुत कोशिश की कि समझौते का पूरा क्रेडिट उसे मिले हालांकि ऐसा हो नहीं पाया. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि यह एक 14 सूत्रीय समझौता है जो कि शुक्रवार को तेहरान और वॉशिंगटन के बीच होने जा रहा है.

सबसे अहम शर्त: रिपोर्ट के अनुसार, अंतिम दौर की औपचारिक बातचीत तभी शुरू होगी जब शुरुआती 12 अरब डॉलर जारी हो जाएं, तेल प्रतिबंधों में राहत मिल जाए और नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त कर दी जाए..इधर इस डील से कच्चा तेल बाज़ार धड़ाम हो गया और भाव गिरकर 86 डॉलर प्रति बैरेल आ गया है.

क्या हैं समझौते के 14 बिंदु
मेहर न्यूज एजेंसी और इरानी अधिकारियों के मुताबिक इस MoU के 14 प्रमख बिंदु हैं;

1- लेबनान और अन्य मोर्चों पर तत्काल प्रभाव से युद्ध रोका जाना.
2- इरान के आंतरिक मामलों में अमेरिका का दखल ना देना.
3-30 दिनों के अंदर नाकेबंदी हटाएगा अमेरिका.
4- ईरान के आसपास से अमेरिका अपनी सेना हटाएगा.
5- ईरान द्वारा 30 दिन के अंदर हर्मुज को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा.
6- तेल, पेट्रोलकेमिकल पर लगे प्रतिबंधों को हटाएगा अमेरिका.
7- ईरान को हुए नुकसान की भरपाई के लिए अमेरिका और उसके सहयोगी 300 अरब डॉलर का रीकंस्ट्रक्शन प्लान प्रस्तुत करेंगे.
8- 60 दिनों में परमाणु मुद्दे, अमेरिका के प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंधों, यूएन सुरक्षा परिषद प्रस्ताव समेत सभी मुद्दों पर फाइनल समझौता.
9- ईरान ने कहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा.
10- 60 दिनों की अवधि में ही ईरान का फ्रीज किया गया 24 अरब डॉलर का फंड रिलीज किया जाएगा.
11- समझौते को लागू करने के लिए सुपरवाइजरी मकैनिजम बनाया जाएगा.
12- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के द्वारा फाइनल समझौते को लागू किया जाएगा.
13- जब तक ईरान का आधा फंड रिलीज नहीं किया जाएगा तब तक फाइनल बातचीत शुरू नहीं होगी.
14- फाइनल बातचीत परमाणु मुद्दे, प्रतिबंधों से राहत, ईरान की अर्थव्यवस्था की भरपाई, मिसाइल प्रोग्राम को लेकर होगी.

24 अरब डॉलर की संपत्ति किस्तों में लेने पर राजी ईरान: अधिकारी के अनुसार एमओयू पर हस्ताक्षर होने के बाद अगले 60 दिनों के भीतर दोनों पक्ष अंतिम व्यापक समझौते पर बातचीत करेंगे. मसौदे के तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाया गया अपना सैन्य अवरोध तत्काल हटाएगा और सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग फिर से खोल देगा. इसके बदले अमेरिका भी ईरानी बंदरगाहों पर लागू अपनी नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करेगा. अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ईरान की 24 अरब डॉलर की जब्त की हुई संपत्ति किस्तों में जारी करने पर सहमत हुआ है. इसमें प्रत्यक्ष नकद हस्तांतरण, क्षेत्रीय देशों के सहयोग और वित्तीय क्रेडिट लाइन जैसे विकल्प शामिल होंगे.

सौदे के अनुसार ईरान अपने पास मौजूद उच्च स्तर तक संवर्धित यूरेनियम के बड़े भंडार को कम करने पर भी सहमत हुआ है. हालांकि इसके लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया पर अगले 60 दिनों में चर्चा होगी और फिलहाल इसकी रूपरेखा स्पष्ट नहीं है. ईरान लगातार परमाणु हथियार विकसित करने के आरोपों से इनकार करता रहा है, लेकिन उसने हथियार-स्तर के करीब तक यूरेनियम संवर्धन किया है और उसका बड़ा भंडार भी जमा किया हुआ है.

लेबनान के मुद्दे का जिक्र नहीं: इजरायल और हिजबुल्ला के बीच लेबनान में जारी संघर्ष ईरान के लिए एक अहम मुद्दा रहा है, लेकिन समझौते के अंतिम मसौदे में इसका कोई उल्लेख नहीं किया गया है. ईरान का कहना रहा है कि किसी भी शांति समझौते के लिए दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष का समाधान भी जरूरी है. हालांकि अमेरिका और इजरायल दोनों का कहना है कि लेबनान की स्थिति ईरान के साथ चल रही वार्ता से अलग विषय है और इसका अंतिम समझौते पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.

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