हरदोई में बुधवार रात पुलिस टीम पर हमला हो गया. भीड़ ने पुलिस पर पत्थर फेंके और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। हमले में महिला सिपाही समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ को खदेड़ा। 12 लोगों को हिरासत में लिया है.
दरअसल, धम्म समुदाय के लोग गांव के मंदिर में भगवान गौतम बुद्ध की प्रतिमा बिना अनुमति स्थापित करने जा रहे थे. गांव के लोगों ने इसका विरोध किया। उनका कहना था कि मंदिर के बगल पीपल के पेड़ के नीचे जो शिवलिंग है, उसे भी मूर्ति के साथ रखा जाए, लेकिन धम्म समुदाय के लोगों ने मना कर दिया. इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए. इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाने की कोशिश की. इसी बीच कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. घटना जिला मुख्यालय से 46 किमी दूर संडीला तहसील के महुआ कोला गांव की है.
डीएम ने खुद मौके पर पहुंचकर हालात जाने। उन्होंने मंदिर का निरीक्षण किया.
ग्राम प्रधान सत्यपाल के मुताबिक गांव में पुत्तिलाल ने 2023 में अपने निजी खर्चे से मंदिर बनवाया था. इसके बगल में ही सवर्णों की जमीन है, जिसमें पीपल का पेड़ है. वहीं पर शिवलिंग आकार का पत्थर है. 2023 से ही पुत्तिलाल मंदिर में गौतम बुद्ध की मूर्ति रखने का प्रयास कर रहे थे.
प्रशासन से अनुमति मांग रहे थे, लेकिन गांव के सवर्ण लोग इसका विरोध कर रहे थे. उनका कहना था कि मंदिर में बुद्ध प्रतिमा लगेगी तो भगवान शिव की भी लगेगी. धम्म समुदाय के लोगों का कहना था कि बुद्ध के अलावा किसी अन्य ईष्ट की प्रतिमा नहीं लगेगी. इस विवाद के चलते प्रशासन ने मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं दी.
पुत्तिलाल के जानने वाले और धम्म धर्म से जुड़े लखनऊ के लोग बुधवार को गांव पुत्तिलाल के घर पहुंचे. पुत्तिलाल के साथ मंदिर में बुद्ध की प्रतिमा रखने का प्रयास किया. बताया गया है कि इस दौरान उनके साथ 40 से 50 लोग मौजूद थे. स्थानीय लोगों को खबर लगी तो उन्होंने इसका विरोध किया। दिन भर विवाद चलता रहा.
पुलिस को खबर लगी दोनों पक्षों को समझाने का दौर शुरू हुआ. इसी बीच भीड़ में से कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. हंगामे और पत्थरबाजी के बीच पुलिसकर्मियों ने मोर्चा संभाला और भीड़ को तितर-बितर करना शुरू किया. इस दौरान पुलिस के एक महिला व एक पुरुष सिपाही घायल हो गए. कई गाड़ियों के साथ तोड़फोड़ की गई.
SDM बोले- मूर्ति हटा लो, मैं परमिशन दिलवाऊंगा; फिर भी पथराव: गांव के प्रधान ने बताया कि एसडीएम ने कहा भी कि आप मूर्ति हटवा लीजिए. मैं परमिशन कराकर मूर्ति स्थापित करा दूंगा, लेकिन वो नहीं माने. पुलिस ने प्रतिमा को कब्जे में लेकर शिवम मौर्य और रिंकू को गिरफ्तार कर लिया. करीब 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है, इनमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं.
डीएम ने कहा- अब हालात नियंत्रण में: डीएम ने कहा कि कुछ बाहरी लोगों द्वारा पुत्तीलाल मौर्य की निजी भूमि पर बनाए गए मंदिर पर बिना विधिक प्रक्रिया फॉलो किए भगवान बुद्ध की मूर्ति स्थापित कर दी गई है. कुछ स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे थे. पुलिस और मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे और सुबह से ही यहां पर हम लोग डिस्कशन कर रहे थे और मोटिवेट कर रहे थे कि भाई, जब विधिक अनुमति नहीं है, तब ऐसी महापुरुष, महात्मा भगवान की प्रतिमा नहीं लगाई जा सकती है.
समझाता रहा प्रशासन, बाहरी भड़काते रहे: डीएम ने बताया कि सीओ, एडीएम, एडिशनल एसपी ने भी समझाने की पूरी कोशिश की, लेकिन कुछ बाहरी लोगों द्वारा स्थानीय लोगों भड़काया गया. उनके तरफ से भड़काने पर पथराव किया गया, जिसको पुलिस ने बल प्रयोग करके नियंत्रित किया. पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ भी की जा रही है.
लगभग 20-25 लोगों के नाम इसमें सामने आए हैं. अभी जांच जारी है. मौके पर भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात हैं. सिचुएशन पूरी तरह से नॉर्मल है। किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या नहीं है.
एसपी और मेरे द्वारा भी इसका निरीक्षण किया गया है और हम यह एन्श्योर करेंगे कि यहां पर इस तरीके का कोई विवाद आगे ना हो.















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