चढ़ावा चोरी का बंटवारा 14 कोसी मार्ग पर होता था, रिमांड पर आरोपी अविनाश का कबूलनामा

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अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ के दौरान लगातार नए खुलासे सामने आ रहे हैं. पुलिस शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे उसे रिमांड पर लेकर कौशलपुरी स्थित योगा सेंटर समेत कई स्थानों पर पहुंची, जहां उसकी निशानदेही पर नगदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है.

अविनाश शुक्ला ने कबूल किया है कि राम मंदिर से चोरी किए गए चढ़ावा का बंटवारा 14 कोसी मार्ग पर किया जाता है. इसके बाद पुलिस अविनाश को मौके पर भी ले गई.बताया जा रहा है कि पुलिस मौके कुछ सामान बरामद की है. इस संबंध पुलिस ने कोई आधिकारिक सूचना नहीं जारी की है.

जांच एजेंसियों के मुताबिक अब तक की पड़ताल में संकेत मिले हैं कि अविनाश शुक्ला की भूमिका केवल धन छिपाने तक सीमित नहीं थी, बल्कि उसे कथित तौर पर चुराई गई रकम को अयोध्या से बाहर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी.

चढ़ावा चोरी में सबसे अधिक शातिर अविनाश: आपको बता दें कि राममंदिर चढ़ावा चोरी में सबसे अधिक शातिर अविनाश शुक्ला को बताया जा रहा है क्योंकि चढ़ावा चोरी में उसके पास सबसे ज्यादा रकम बरामद हुई है वहीं रामशंकर यादव टिन्नू के पास से लगभग उसी के बराबर रकम बरामद हुई है. सूत्रों के अनुसार राममंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों में अविनाश शुक्ला के पास से 20 लाख, अनुकल्प मिश्रा के पास से 16 लाख, करुणेश पाण्डेय के पास से 18 लाख, लवकुश मिश्रा के पास से 14 लाख 32 हजार, मनीष यादव के पास से 2 लाख रुपये बरामद हुए है. रामशंकर मिश्रा के पास से करीब सात लाख व रामशंकर यादव टिन्नू के पास से करीब 20 लाख की रकम बरामद हुई है.

जिले से बाहर होती थी रकम की गिनती: सूत्रों के अनुसार कथित तौर पर चढ़ावे से निकाली गई रकम को अलग-अलग माध्यमों से छिपाया जाता था. बताया जा रहा है कि सप्ताह में एक दिन पूरी धनराशि की गिनती की जाती थी और यह प्रक्रिया अयोध्या जिले के बाहर किसी स्थान पर संपन्न होती थी. इसके बाद रकम का आपस में बंटवारा किया जाता था.

जांच में यह भी सामने आया है कि जमीन खरीद और अन्य निवेश के दौरान भुगतान के लिए अलग-अलग माध्यमों से लेनदेन कराए जाते थे, जिससे संदेह की गुंजाइश कम रहे.

सबसे ज्यादा नकदी बरामद होने का दावा: पुलिस की बरामदगी रिपोर्ट के अनुसार अविनाश शुक्ला के पास से करीब 20 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा और 1121 अमेरिकी डॉलर बरामद किए गए हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि कौशलपुरी स्थित आवास पर धनराशि के बंटवारे की गतिविधियां संचालित होती थीं.

एंटी करप्शन कोर्ट ने विवेचक की अर्जी पर अविनाश शुक्ला की 24 घंटे की कस्टडी रिमांड मंजूर की है. पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस कथित नेटवर्क से जुड़े कई अन्य पहलुओं पर भी प्रकाश पड़ सकता है.

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