कानपुर के बड़े इस्पात कारोबारी और उनसे जुड़े दो दर्जन से अधिक कारोबारियों के यहां गुरुवार को एक साथ जीएसटी और डीजीजीआई की टीमों ने रेड की. इस्पात कारोबारी के फैक्ट्री और दफ्तर में अलग अलग टीमें पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की.
टैक्स की चोरी का अंदेशा
विभाग को जानकारी मिली थी कि इस्पात कारोबारी और उनसे जुड़े कारोबारी टैक्स की चोरी में लिप्त हैं. छापेमारी के दौरान टीमों ने बहुत सारे दस्तावेज आदि कब्जे में लिए हैं. उनका भी पड़ताल की जा रही है. डीजीजीआई और जीएसटी विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस्पात कारोबारी की कम्पनी ने जितनी बिक्री की उसके अनुसार उत्पादन कम दिखाया है. यह भी सूचना है कि उनसे जुड़े जो कारोबारी है उन्हें भी माल के लेन देन के दौरान बिलों में हेराफेरी की गई है.
गुरुवार सुबह दस गाड़ियों में अधिकारी हमीरपुर के सुमरेपुर स्थित फैक्ट्री पहुंचे. इसके अलावा हूलागंज में भी एक कारोबारी के यहां छापेमारी की गई. इसके बाद शहर के अलग अलग ठिकानों पर डीजीजीआई और जीएसटी की टीमों ने कारोबारियों के यहां छापेमारी की. सूत्रों के मुताबिक मौके पर घर व फैक्ट्री परिसर के अलावा कॉरपोरेट ऑफिस, कम्प्यूटर सिस्टम आदि की जांच की जा रही है. पुरानी फाइलों को भी कब्जे में लेकर उन्हें भी देखा जा रहा है.
मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जमा कराए
इस दौरान वहां पर मौजूद कर्मचारियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप भी जमा करा लिए गए हैं. कानपुर टीम को भी बाद में मिली सूचना जिस टीम ने छापेमारी की है वह लखनऊ और दिल्ली की बताई जा रही है. सूत्रों के मुताबिक छापेमारी में इस तरह गोपनीयता बरती गई कि कानपुर टीम को कार्रवाई शुरू होने के बाद इसकी जानकारी मिल सकी. टीम ने इस्पात कारोबारी की फैक्ट्री के बाद गुरुवार शाम को उनके तिलक नगर स्थित आवास पर भी पहुंचकर जांच पड़ताल की है.
यहां पर भी हुई छापेमारी
उन्नाव, हमीरपुर, भरुआसुमेरपुर समेत अन्य स्थानों पर भी टीम द्वारा छापेमारी की गई है. सूत्रों के मुताबिक अब तक की जांच में बड़े स्तर पर गड़बड़ी पकड़ी गई है. फर्म में लोहा और स्टेनलेस स्टील के कई तरह के उत्पाद बनते हैं जिनकी सप्लाई देशभर में होती है. कम्पनी का साल का टर्नओवर 1200 से 1500 करोड़ बताया जा रहा है.
















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