राहुल गांधी संसद के बाहर लहरा रहे थे संविधान की कॉपी, अंदर नोटों की गड्डी मिलने से बदल गया माहौल

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संसद के शीतकालीन सत्र के 9वें दिन शुक्रवार को जमकर बवाल हो रहा है. राज्यसभा के अंदर कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी की सीट पर नोटों की गड्डी मिलने से संसद का माहौल गरमा गया है. अडानी मसले पर बीजेपी को घेरने की कवायद में जुटी कांग्रेस पूरी तरह घिर गई है. बीजेपी ने जबरदस्त हमला बोला है और जांच की मांग उठाई है.

इधर, नेता विपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में कांग्रेस नेता संसद के बाहर सड़कों पर मार्च निकाल रहे हैं. विपक्षी नेता हाथों में संविधान की कॉपी लहरा रहे हैं और मुंह पर काला मास्क लगा रखा है. कांग्रेस संसद में लगातार अडानी मसले पर मोदी सरकार को घेराबंदी करने की कोशिश कर रही है.

और नए विवाद में घिर गई कांग्रेस?

शुक्रवार को कांग्रेस ने एक बार फिर अडानी मसले पर सरकार को घेरने की कोशिश की. जब कांग्रेसी नेता संसद परिसर में मार्च कर रहे थे, ठीक उसी समय राज्यसभा के अंदर नोटों की गड्डी मिलने की खबर से सदन का माहौल गरमा गया. कांग्रेस जहां अभिषेक मनु सिंघवी का नाम लिए जाने पर आपत्ति जताती रही तो बीजेपी ने इसे गंभीर घटना बताया और सदन पर हमले से जोड़ा.

नियमित जांच में मिली नोटों की गड्डी

दरअसल, सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को बताया कि संसद सुरक्षा अधिकारियों ने नियमित चेकिंग के दौरान सीट नंबर 222 से नोटों की गड्डी बरामद की है. ये सीट कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित की गई है. 

कांग्रेस सांसद को आवंटित है सीट

राज्यसभा के सभापति ने आगे कहा, कल सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने नियमित जांच की. इस दौरान सीट संख्या 222 से नोटों की एक गड्डी बरामद की. यह सीट वर्तमान में अभिषेक मनु सिंघवी को आवंटित है. कानून के अनुसार जांच की जाएगी.

कांग्रेस ने जताया विरोध

धनखड़ के इस दावे पर कांग्रेस सांसदों ने सदन में विरोध दर्ज कराया. धनखड़ की टिप्पणी से राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे नाराज हो गए और तुरंत उठ खड़े हुए. उन्होंने कहा, आपने कहा कि इस मामले की जांच चल रही है. जब तक इसकी पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक उनका नाम नहीं लिया जाना चाहिए.

बीजेपी बोली- नाम बताने में क्या दिक्कत?

हालांकि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, सीट नंबर और सांसद का नाम बताने में कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने कहा, इसमें क्या गलत है? संसद में नोटों का बंडल ले जाना उचित है? इसकी उचित जांच होनी चाहिए.

अभिषेक मनु सिंघवी बोले- मेरे पैसे नहीं हैं

हालांकि, अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोपों से इनकार किया है. उन्होंने कहा, ऐसा मामला मैं पहली बार सुन रहा हूं. यह सुनकर मैं अचंभित हूं. मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है. मैं सिर्फ 500 रुपए का नोट लेकर संसद जाता हूं. ये पैसे मेरे नहीं हैं. मैं दोपहर 12.57 बजे सदन पहुंचा और 1 बजे सदन से उठा. फिर मैं अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद के साथ 1.30 बजे तक कैंटीन में बैठा और संसद से चला गया.

बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी जांच की मांग को दोहराया. उन्होंने कहा, यह बहुत गंभीर घटना है. यह सदन की गरिमा पर हमला है.

राहुल और प्रियंका ने क्या मार्च निकाला?

कांग्रेस ने एक्स पर लिखा, INDIA गठबंधन की पार्टियां अडानी महाघोटाले पर चर्चा चाहती हैं, लेकिन मोदी सरकार लगातार इससे भाग रही है. आज संसद परिसर में INDIA के नेताओं ने हाथ में संविधान लेकर मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ प्रदर्शन किया.

वहीं, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, आज भारतीय संविधान के निर्माता बीआर अंबेडकर की पुण्य तिथि है. यहां अडानी के लिए संवैधानिक अधिकारों का हनन किया गया है. हम सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. जब भी अडानी का नाम आता है तो भारत सरकार मुद्दे को भटकाने की कोशिश करती है. उन्हें मुद्दे को भटकाने दीजिए- हम अपना विरोध जारी रखेंगे.

कांग्रेस ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, मोदी सरकार अडानी को बचाने के लिए लोकतंत्र की मर्यादाओं को तार-तार कर रही है. लेकिन हम रुकने वाले नहीं हैं, डरने वाले नहीं हैं. लोकतंत्र और संविधान की रक्षा करते रहेंगे, जनता के अधिकारों के लिए लड़ते रहेंगे.

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