ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग में अब अमेरिका भी खुलकर शामिल हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की तीन बड़ी परमाणु साइट्स – फोर्डो, नतांज और इस्फहान – पर सफलतापूर्वक हवाई हमला किया है. ट्रंप के मुताबिक, लड़ाकू विमानों ने फोर्डो को प्रमुख रूप से निशाना बनाते हुए बमबारी की और अब सभी विमान सुरक्षित लौट चुके हैं. उन्होंने इसे अमेरिका की सैन्य ताकत की मिसाल बताया और कहा कि अब शांति का समय है. यह हमला ऐसे वक्त में हुआ जब ईरान का परमाणु कार्यक्रम इजरायल के सामने चिंता का विषय बना हुआ है.
फोर्डो न्यूक्लियर रिसर्च साइट पर अमेरिका ने गिराए छह बंकर बस्टर बम: रिपोर्ट्स
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की फोर्डो न्यूक्लियर रिसर्च साइट पर हमले में छह बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया गया. ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) ने हमलों के बाद जारी बयान में कहा कि पिछले कुछ दिनों से दुश्मन की ओर से किए जा रहे बर्बर हमलों के क्रम में आज तड़के फोर्डो, नतांज और इस्फहान में देश के परमाणु ठिकानों पर ईरान के दुश्मनों ने हमला किया. बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेष रूप से परमाणु अप्रसार संधि (NPT), का खुला उल्लंघन है.
‘ईरान में या तो शांति होगी या फिर विनाश’, बोले ट्रंप
ट्रंप ने ईरान से शांति स्थापित करने की अपील करते हुए इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू और इजरायली सेना को बधाई दी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने अब भी शांति नहीं अपनाई तो भविष्य के हमले इससे कहीं ज्यादा भीषण होंगे. ट्रंप ने साफ कहा, ‘या तो ईरान में शांति होगी या फिर विनाश’. उन्होंने यह भी कहा कि आज रात जो टारगेट चुने गए थे, वे सबसे कठिन थे.
ट्रंप ने रविवार को चेतावनी दी कि ईरान के पास शांति या त्रासदी के बीच एक का विकल्प बचा है. अमेरिका ने शनिवार को बी-2 बॉम्बर्स के जरिए ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्दो, इस्फहान और नातांज पर एयर स्ट्राइक की. हमलों के बाद देश को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को याद रखना चाहिए कि अब भी कई टारगेट बचे हुए हैं.
ट्रंप ने कहा, ”यह (परमाणु कार्यक्रम) जारी नहीं रह सकता. ईरान के लिए या तो शांति होगी या फिर त्रासदी होगी, जो पिछले आठ दिनों में हमने देखी है उससे कहीं ज्यादा। याद रखें, अभी कई लक्ष्य बचे हैं. आज रात का लक्ष्य अब तक का सबसे मुश्किल था, और शायद सबसे घातक भी। लेकिन अगर शांति जल्दी नहीं आती है, तो हम सटीकता, गति और कौशल के साथ उन अन्य लक्ष्यों पर हमला करेंगे. उनमें से ज्यादातर को कुछ ही मिनटों में नष्ट किया जा सकता है.” उन्होंने आगे कहा, ”मैं उन महान अमेरिकी देशभक्तों को बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने आज रात उन शानदार ठिकानों को उड़ाया. उम्मीद है कि हमें अब उनकी सेवाओं और इस क्षमता की जरूरत नहीं होगी। मुझे उम्मीद है कि ऐसा ही होगा.”
ईरान और इजरायल के बीच पिछले कई दिनों से युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई थी. दोनों देश एक-दूसरे देशों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले कर रहे थे. इस बीच, ट्रंप ने इजरायल के सपोर्ट करते हुए ईरान के तीन परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया. ट्रंप ने आगे कहा, ”मिडिल ईस्ट के धमकाने वाले ईरान को अब शांति स्थापित करनी चाहिए. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो भविष्य में हमले कहीं अधिक बड़े और आसान होंगे. 40 वर्षों से, ईरान इजरायल को मौत, अमेरिका को मौत कहता आ रहा है. वे हमारे लोगों को मार रहे हैं, उनके हाथ उड़ा रहे हैं, सड़क किनारे बमों से उनके पैर उड़ा रहे हैं. उनके जनरल कासिम सुलेमानी ने बहुत से लोगों को मार डाला. मैंने बहुत पहले ही तय कर लिया था कि मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। यह जारी नहीं रहेगा.”
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर हमले पूरे कर लिए हैं. उन्होंने शनिवार को सोशल प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा, ”सभी विमान अब ईरान के हवाई क्षेत्र से बाहर हैं. प्रमुख स्थल फोर्दो पर बमों का पूरा पेलोड गिराया गया.” उन्होंने कहा, ”तेहरान को इस युद्ध को समाप्त करने के लिए सहमत होना चाहिए।” ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने देश की परमाणु सुविधाओं पर हमलों को स्वीकार किया. एक ईरान के सरकारी टेलीविजन टिप्पणीकार ने कहा कि ”आपने इसे शुरू किया और हम इसे समाप्त करेंगे.”















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