UP के औरैया जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां एक अदालत ने प्रेम प्रसंग के चक्कर में अपने तीन मासूम बच्चों की नदी में डुबोकर हत्या कर वाली मां को गुरुवार को फांसी की सजा सुनायी है जबकि उसके प्रेमी को उम्रकैद की सजा से दंडित किया गया है.

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय डकैती कोर्ट सैफ अहमद ने पिछले साल 27 जून को हुई इस जघन्य वारदात में प्रियंका को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनायी जबकि उसके प्रेमी और चचेरे देवर आशीष उर्फ डैनी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. इस वारदात में अभियोजन ने कुल छह गवाह पेश किए जिसमें प्रियंका के हाथों बचे उसके नौ वर्षीय पुत्र सोनू को चश्मदीद गवाह बनाया गया और उसकी गवाही दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में कारगर रही.
गौरतलब है कि जिले के फफूंद थाना क्षेत्र के गांव अटा बरूआ की रहने वाली प्रियंका (27) की शादी इटावा के बसरेहर निवासी अवनीश से हुई थी जिससे चार बच्चे हैं. दो साल पहले पति अवनीश की करंट लगने से मौत हो गई. इसके बाद प्रियंका चचेरे देवर आशीष के साथ पत्नी के रूप में साथ रहने लगी थी. आशीष के कहने पर प्रियंका ने केश्मपुर में सेंगर नदी के घाट पर चारों बच्चों को नशीला पदार्थ खिला कर नदी में डुबो दिया.
सूचना पर पहुंची पुलिस ने एकमात्र जीवित बचे सोनू को बाहर निकाला जिसने नाम पता और घटनाक्रम बताया. इस पर परिजनों को सूचना दी गई. गोताखोर ने नदी से छह साल के आदित्य और चार साल के माधव के शव को बाहर निकाल लिया. जबकि डेढ़ के मंगल का शव करीब दो घंटे बाद मिला. पुलिस ने मृतक बच्चों के चाचा मनीष की तहरीर पर प्रियंका और आशीष के खिलाफ धारा 302, 307 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया और जांच के बाद आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया. अदालत ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई की और एक साल 13 दिन बाद अपना फैसला सुना दिया.
















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