फतेहपुर में किसानों ने तहसील में छोड़ी 250 भेड़-बकरी, बोले- नहीं हुई सुनवायी तो ऐसा किया

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फतेहपुर में मंगलवार को किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया. किसान 250 भेड़-बकरी लेकर बिंदकी तहसील परिसर में पहुंच गए. इससे अफरा-तफरी मच गई.

तहसील गेट पर करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा. फिर पुलिस ने भेड़ों को खदेड़ कर सामने रामलीला मैदान में पहुंचा दिया. इस पर किसान तहसील परिसर में ही धरने पर बैठ गए. उन्होंने प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया है. एसडीएम किसानों के पास पहुंचे. उन्होंने किसानों की मांग पूरी करने का आश्वासन दिया. इस पर किसान शांत हुए.

बिंदकी किसान यूनियन के अध्यक्ष सुधीर सिंह गौतम बोले- हमारी कोई सुन ही नहीं रहा. सुधीर सिंह गौतम ने बताया, चौड़गरा से पहुर तक 1 किलोमीटर स्टेट हाईवे खराब है. 5 साल से नहीं बन रहा है. आने जाने में बहुत समस्या होती है. बारिश में पानी भर जाता है. सूखे में धूल उड़ती है. बच्चों को भी स्कूल आने जाने में परेशानी होती है. हमारे गांव में ठीक से बिजली भी नहीं आती है. कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है.

बिंदकी रोड, नयापुरवा मार्ग, लालपुर मडराव का रास्ता इतना खराब है न एम्बुलेंस निकल पाती हैं और न ही स्कूल की गाड़ियां. बच्चों को परेशानी होती है। किसानों को समय से बिजली पानी नहीं मिल पा रही है. हमें समय पर खाद भी नहीं मिलती. सुबह से खाद के लिए लाइन लगाना पड़ता है. इन्हीं मांगों को लेकर हम कसियापुर पावर हाउस में 9 जुलाई से लगातार धरने पर बैठे थे. लेकिन वहां कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा. हमारी समस्या को कोई नहीं सुन रहा था। इस लिए मजबूर होकर हमें ऐसा करना पड़ा.

किसान नेता शैलेंद्र सिंह बोले- मजबूर होकर हमें धरना देना पड़ा। वहीं, भाकियू के नेता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अगर समय से समस्या दूर हो जाती तो हमें ऐसा न करना पड़ता। सरकार हमारे ऊपर ध्यान ही नहीं दे रही. धरने का भी कोई असर नहीं हो रहा था। हम लोगों ने भाकियू ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर यह प्रदर्शन किया. मौके पर शैलेंद्र सिंह, जयकृष्ण द्विवेदी, विजेंद्र सिंह, स्वामीदीन, नंदलाल, सुखीराम, अंगद सिंह चंदेल, राम सिंह परिहार समेत सैकड़ों किसान नेता मौजूद रहे.

बिंदकी के उपजिलाधिकारी दुर्गेश यादव ने कहा, मैंने भाकियू की सभी समस्याओं को पढ़ लिया है. इन समस्याओं को दूर करने के लिए भाकियू के मुख्य पदाधिकारियों को मेरे पास बैठना पड़ेगा क्योंकि अलग-अलग विभागों के मामले हैं. मैं अधिकारियों को मौके पर बुलाऊंगा और उनको इन समस्याओं से अवगत कराते हुए निपटारा करायेंगे.

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