शनिवार के दिन कर्मफल दाता और न्याय के कारक ग्रह शनिदेव की आराधना की जाती है. वो जातक जिन पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है उनको शनिवार के दिन शनिदेव की उपासना तो करनी ही चाहिए इसके साथ ही हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए. इसके अलावा कुछ बहुत कारगर उपाय कर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव को कम करने का प्रयास करना चाहिए. आइए शनिवार के उपाय जानें-
शनिवार के 5 उपाय
शनिवार की रात को मंत्र जाप: शनि की साढ़ेसाती का बुरा असर कम हो सके इसके लिए शनिवार की रात को ॐ शं शनिश्चराय नमः मंत्र का जाप 108 बार करें. इससे शनिदेव अति प्रसन्न होंगे. इसके अलावा दिन के समय शनिवार को काले तिल का दान कर सकते हैं.
मुख्य द्वार पर पंचमुखी दीपक जलाएं: शनिवार की शाम को अगर एक पंचमुखी दीपक घर के मुख्य द्वार पर जलाकर रखें तो इससे पांचों दिशाओं से कोई भी नकारात्मकता उर्जा घर में प्रवेश नहीं करेगी. घर की समस्याओं का अंत होगा और शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव भी कम हो जाएगा.
हनुमान जी की आराधना: शनि देव की ढैय्या और साढ़ेसाती के प्रकोप को कम करने के लिए एक आसान उपाय हनुमान जी की आराधना के रूप में कर सकते हैं. इसके लिए शनिवार की शाम को हनुमान जी के मंदिर जाएं या घर पर ही हनुमान जी के सामने बैठकर उनकी उपासना करें. शनिवार के दिन पूरे मन से हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें इससे शनिदेव अपनी क्रूर दृष्टि के प्रभाव को कम कर देंगे.
दान का उपाय: मेहनत के बाद भी अगर आर्थिक स्थिति नहीं सुधर रही है और दिक्कतें बढ़ती ही जा रही है तो शनिवार के दिन दान का उपाय कर सकते हैं. इसके लिए किसी गरीब को जरूरत की चीजे दान करें और गरीबों को भोजन कराएं. इससे शनिदेव अति प्रसन्न होंगे.
पीपल के पेड़ की पूजा: शनिवार के शाम को अगर पीपल के पेड़ की पूजा अर्चना करें तो इसके शुभ फल प्राप्त होंगे. पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाएं और पेड़ की परिक्रमा भी करें. शनि देव की आप पर असीम कृपा होगी.
















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