चंद्र ग्रहण लगने का समय नजदीक है और यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखने के कारण कुछ लोगों पर संकट के बादल भी छा गए हैं. दरअसल, यह चंद्र ग्रहण और इसके सूतक काल के बीच पड़ रहा एक अशुभ समय इन लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.
चंद्र ग्रहण महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है और धर्म व ज्योतिष की नजर से भी उतना ही अहम है. 7 सितंबर को लग रहा चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा. जिससे इसका सूतक काल भी माना जाएगा. यह चंद्र ग्रहण कुछ लोगों के लिए अच्छा नहीं है, लिहाजा उन्हें सावधान रहने की जरूरत है.
चंद्र ग्रहण का समय: साल का दूसरा और आखिरी चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को रात 09.58 बजे से देर रात 01.26 बजे तक रहेगा. चंद्र ग्रहण का पीक टाइम रात 11 बजे से 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगा. इस बीच चंद्र ग्रहण का सबसे अच्छा नजारा दिखाई देगा.
चंद्र ग्रहण का सूतक काल और राहु काल: सनातन धर्म के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले शुरू होता है. इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12.57 बजे शुरू होगा और शाम को सूतक काल सबसे ज्यादा प्रभावी होगा. दरअसल, 7 सितंबर को चंद्र ग्रहण के सूतक काल के बीच शाम 05.01 बजे से लेकर शाम 06.35 बजे तक राहु काल रहेगा. चंद्र ग्रहण के सूतक काल के बीच राहु काल का पड़ना डबल कष्ट देगा.
संभलकर रहें ये लोग: सूतक और राहु काल का ये दुर्लभ संयोग बच्चों, बुजुर्गों, बीमार लोगों और गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छा नहीं कहा जा सकता है. इन लोगों को इस दौरान विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए. गर्भवती महिलाएं बाहर ना निकलें, ना ही काटने-खाना बनाने जैसा काम करें. बच्चे-बुजुर्ग भी बाहर ना निकलें, ना ही कोई जोखिम भरे काम करें.
चंद्र ग्रहण का राशियों पर नकारात्मक असर: यह चंद्र ग्रहण सिंह और तुला राशि के लिए भी बेहद अशुभ माना जा रहा है. लिहाजा इन दोनों राशियों के लोगों को भी चंद्र ग्रहण के दिन सावधान रहना चाहिए. वे बाहर निकलने से बचें, यदि निकलें तो वाहन सावधानी से चलाएं, जोखिम भरे काम ना करें. धन का लेन-देन सोच-समझकर करें.
















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