चंद्र ग्रहण को सनातन धर्म और ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व दिया गया है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल का आखिरी चंद्रग्रहण 7 सितंबर 2025 की रात 9 बजकर 57 मिनट से शुरू है और इसकी समाप्ति देर रात 1 बजकर 26 मिनट पर होगी. ऐसे में लोगों के मन में एक सवाल जरूर होगा कि चंद्र ग्रहण की समाप्ति के बाद क्या कौन-कौन से काम निश्चित रूप से करने चाहिए.
ऐसा इसलिए क्योंकि पैराणिक मान्यता है कि ग्रहण काल के दौरान नकारात्मक ऊर्जा और अशुद्धियां वातावरण में फैल जाती हैं, इसलिए ग्रहण समाप्त होने के बाद घर और खुद का शुद्धिकरण करना जरूरी माना जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि ग्रहण की समाप्ति के बाद क्या करना चाहिए और इसके बाद शुद्धिकरण का क्या विधान है.
चंद्र ग्रहण के बाद क्या करें? शास्त्रों के अनुसार, चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद सबसे पहले गंगाजल या शुद्ध जल से स्नान करें. स्नान के बाद साफ व शुद्ध वस्त्र पहनें. इसके बाद घर के मंदिर में रखी मूर्तियों को गंगाजल या स्वच्छ जल से धोकर फिर पूजा करें. ग्रहण समाप्त होने के बाद भगवान विष्णु, शिव या अपने इष्टदेव का स्मरण करके मंत्र जप या आरती करना अत्यंत शुभ माना जाता है. ऐसा करने के बाद अन्न, फल या दक्षिणा का दान करने से ग्रहण दोष की शांति होती है.
घर के शुद्धिकरण का नियम: गंगाजल का छिड़काव- ग्रहण समाप्त होते ही पूरे घर में गंगाजल या तुलसी मिला हुआ जल छिड़कें. ऐसी करने से ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव नष्ट हो जाता है.
➤धूप-दीप जलाना- कपूर, धूप या लोबान जलाकर पूरे घर में घुमाए, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.
➤तुलसी और शंख ध्वनि- तुलसी के पौधे को प्रणाम कर उसके पास दीपक जलाएं और शंख बजाएं, इससे वातावरण पवित्र होता है.
➤खाना बनाना- ग्रहण काल में बना हुआ भोजन अशुद्ध माना जाता है, इसलिए ग्रहण के बाद ताजा भोजन ही ग्रहण करें.
➤दान- धार्मिक मान्यता के अनुसार, ग्रहण के बाद दान करना बेहद शुभ माना जाता है. इसलिए ग्रहण की समाप्ति के बाद सुबह में जरुरतमंदों को भोजन, वस्त्र, अन्न और धन दान करें.
















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