झारखंड के पांच लाख रुपये के इनामी और मोस्ट वांटेड नक्सली उमेश खेरवार उर्फ नगीना उर्फ डॉक्टर को सोनभद्र से एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया. नगीना प्रतिबंधित नक्सली संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) का सब जोनल कमांडर है और झारखंड में 25 से अधिक नक्सली घटनाओं में शामिल रहा है.
एटीएस सूत्रों के अनुसार, ऐसा बताया जा रहा है कि नगीना हर समय एके-47 जैसे घातक हथियार से लैस रहता था और उसे बेहद खूंखार माना जाता है. गिरफ्तारी की सूचना झारखंड पुलिस को भेज दी गई है. फिलहाल एटीएस और खुफिया एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं.
कई जिलों में सक्रिय नगीना पर झारखंड के पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में हुए कई नक्सली हमलों में शामिल होने का आरोप है. इसी साल 14 सितंबर को पलामू जिले के मनातू में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में भी वह मौजूद था, लेकिन मौके से फरार हो गया था. इस मुठभेड़ में पांच लाख के इनामी नक्सली मुखदेव यादव मारा गया था, जबकि सुरक्षा बलों के दो जवान शहीद हुए थे.
लखनऊ में भी छिपा रहा: फरारी के दौरान नगीना कई दिनों तक लखनऊ में भी शरण लिए रहा. एटीएस को जैसे ही उसके यहां होने की भनक लगी, कार्रवाई शुरू हुई, लेकिन वह भाग निकला. बाद में उसके सोनभद्र में होने की जानकारी मिली और एटीएस ने उसे दबोच लिया. बताया जा रहा है कि इस मामले में एनआईए और अन्य खुफिया एजेंसियां भी उससे पूछताछ कर रही हैं.













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