उत्तराखंड में चारधाम यात्रा अंतिम फेज में है. भैया दूज के मौके पर केदारनाथ के कपाट बंद हो गए हैं. पहले 22 अक्टूबर को गंगोत्री धाम के कपाट बंद हो गए थे. केदारनाथ के कपाट सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर पूरे विधि विधान के साथ बंद हुए. कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की उत्सव डोली हजारों श्रद्धालुओं के साथ अपने भाई शनिदेव की अगुवाई में शीतकालीन प्रवास खरसाली के लिए रवाना हुई. इस मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. केदारनाथ में उन्होंने पूजा-पाठ किया.
उमड़ा भक्तों का सैलाब: आने वाले 6 महीने मां यमुना अपने मायके खरसाली में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगी. वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट आज दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद होंगे. केदारनाथ धाम के कपाट बंद होने से पहले धाम में भक्तों का सैलाब उमड़ा. हर कोई बाबा के दर्शन कर खुद को धन्य कर लेना चाहता है. इस दौरान बाबा केदार के जयकारों से धाम गूंज उठा.
समाधि पूजा के बाद विधि-विधान से कपाट बंद कर डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान हुई.
रिकॉर्ड यात्रियों ने किए दर्शन: सुबह साढ़े 8 बजे परम्परानुसार पूर्वी द्वार (मुख्य द्वार) बंद किया गया. इस साल रिकॉर्ड यात्री केदारनाथ आए हैं. अब तक 17,45, 065 श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर चुके हैं. सुबह 4 बजे तक केदारनाथ में आम भक्तों ने दर्शन किए. इसके बाद दोबारा 5 बजे से 6 बजे तक भगवान की समाधि पूजा हुई. इसमें बाबा केदार के स्वयंभू लिंग को भस्म, अनाज, फल, फूल, रुद्राक्ष, सफेद कपड़ा आदि से ढका गया. ठीक 6 बजे गर्भ गृह का द्वार बंद किए गए.
















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