सनातन धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है. ऐसा इसलिए क्योंकि चतुर्दशी तिथि भगवान शिव को बेहद प्रिय है. यही वजह है कि इस दिन लोग भगवान शिव की विशेष कृपा पाने के लिए पूजा-पाठ और उपाय करते हैं. दृक पंचांग के अनुसार, पौष कृष्ण पक्ष की मासिक शिवरात्रि गुरुवार, 18 दिसंबर 2025 को पड़ेगी. इस दिन भगवान शिव के भक्त उनकी कृपा पाने के लिए विशेष पूजन करेंगे. कहते हैं कि चतुर्दशी तिथि पर कुछ विशेष उपाय करने से भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है. साथ ही ये उपाय हर काम में सफलता दिलाने में सहायक साबित होते हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि पौष कृष्ण पक्ष की मासिक शिवरात्रि पर किन 5 शक्तिशाली उपायों को करना शुभ फलदायी और मंगलकारी साबित हो सकता है.
कब रखा जाएगा मासिक शिवरात्रि व्रत? किसी भी महीने की चतुर्दशी तिथि देवाधिदेव महादेव को समर्पित मानी गई है. इस दिन लोग भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष पूजन और उपाय करते हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष कृष्ण चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 17 दिसंबर 2025 को देर रात 2 बजकर 32 मिनट से शुरू होगी. जबकि, इस तिथि की समाप्ति 19 दिसंबर 2025 को सुबह 4 बजकर 59 मिनट पर होगी. इसलिए उदया तिथि की को ध्यान में रखते हुए मासिक शिवरात्रि 18 दिसंबर को मनाई जाएगी और इसी दिन व्रत भी रखा जाएगा.
मासिक शिवरात्रि पर करें ये 5 आसान उपाय
उपवास और पूजा का महत्व- मासिक शिवरात्रि पर व्रत रखना अत्यंत फलदायी माना जाता है. श्रद्धालु पूरे दिन फलाहार या सिर्फ जल पर रहकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं. प्रदोष काल में शिवजी को गंगाजल, दूध, शहद और पंचामृत से अभिषेक करना शुभ माना जाता है. ऐसा करने से मन शुद्ध रहता और आध्यात्मिक उन्नति होती है.
रुद्राभिषेक का है विशेष महत्व- मासिक शिवरात्रि के दिन शुभ मुहूर्त में जल, दूध, दही, शहद, घी और बेलपत्र से शिवलिंग का रुद्राभिषेक करना अत्यंत मंगलकारी है. अभिषेक के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जप करने से भगवान शिव की कृपा विशेष कृपा प्राप्त होती है. शास्त्रों में रुद्राभिषेक को हर इच्छा पूर्ण करने वाला माना गया है.
महामृत्युंजय मंत्र का जाप- पौष कृष्ण मासिक शिवरात्रि पर महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जप करना अत्यधिक शुभ होता है. कहा जाता है कि यह मंत्र रोग, भय, दुख और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करता है. साथ ही लंबी उम्र का वरदान प्राप्त होता है. मंत्र- “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्, उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्”
बेलपत्र और धतूरा के उपाय- भगवान शिव को बेलपत्र और धतूरा बेहद प्रिय हैं. ऐसे में मासिक शिवरात्रि के दिन बेलपत्र पर चंदन या कुमकुम से ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है. ऐसा करने से हर प्रकार की मनोकामना पूरी होती हैं.
दीपदान- मासिक शिवरात्रि पर रात्रि के समय शिव मंदिर में घी का दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना जाता है. यह उपाय घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और जीवन में शांति, स्थिरता और समृद्धि लाता है.
















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