मोहम्मद आसिफ, महोबा।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में हुए करोड़ों के घोटाले के मामले में पुलिस ने बीमा कंपनी के प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी निवासी ऐदलपुर थाना पर्वतपुर जनपद जालौन, सीएससी संचालक समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सभी पर कूटरचित दस्तावेज लगाकर फर्जी फसल बीमा कराने और साठगांठ करने का आरोप है. घोटालेबाजों ने तालाब, पहाड़ व चकमार्ग की जमीनों पर फर्जी बीमा कराकर क्लेम निकाल लिया. इस मामले में अब तक 23 आरोपियोंं की गिरफ्तारी की जा चुकी है.

आपको बता दें कि महोबा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 338 और 336(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. इस कार्रवाई से कई महीनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे जय जवान जय किसान यूनियन के सदस्यों ने राहत की सांस ली है. यूनियन ने पहले भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन किया था. दरअसल,पीएम फसल बीमा योजना में बड़े पैमाने पर कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अनुचित बीमा का लाभ उठाया गया. किसानों की शिकायत पर पुलिस ने गंभीर जांच शुरू की और कई संदिग्धों की पहचान की जिसमें अब तक आधा दर्जन से अधिक एफआईआर हो चुकी है जिसमें कई लोग गिरफ्तार हो चुके है और इसी क्रम में चरखारी थाना पुलिस ने गोरखा गांव के पास से इन चारों आरोपियों इफ़को टोकियो शाखा के तत्कालीन प्रबंधक निखिल चतुर्वेदी सहित सीएचसी संचालक ब्रज गोपाल अरजरिया, श्यामलाल सेन और अरविंद यादव की गिरफ्तारी हुई है.
एएसपी वंदना सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना लगातार जारी है और बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी भी शीघ्र की जाएगी. जय जवान जय किसान यूनियन के स्थानीय नेता इस कार्रवाई से संतुष्ट हैं और उन्होंने कहा कि अब किसानों के साथ हुए अन्याय पर प्रशासन ने कदम उठाया है। यूनियन का कहना है कि इस कार्रवाई से भविष्य में ऐसी धोखाधड़ी पर अंकुश लगेगा और किसानों का हित सुरक्षित रहेगा. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ सही तरीके से मिलने और किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है.
















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