मोहम्मद आसिफ, महोबा।
महोबा जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की पॉलिसी रिजेक्ट होने की शिकायतों को लेकर महोबा जिलाधिकारी गजल भरद्वाज की अगुवाई में एक अहम बैठक आयोजित की गई. बैठक में कृषि विभाग और बीमा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे. इसका उद्देश्य खरीब की फसलों के लिए किए गए बीमा आवेदन की समीक्षा और वेरिफिकेशन प्रक्रिया की स्थिति को परखना था.
आपको बता दें कि बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में कुल 2 लाख 67 हजार किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन किया था. इनमें से लगभग 1 लाख 26 हजार किसान नॉन केसीसी पाए गए. जिला प्रशासन द्वारा वेरिफिकेशन के बाद केवल 1 लाख 22 हजार किसान पात्र पाए गए. वहीं बैंक ने 1231 बीमा पॉलिसी निरस्त कर दी, जबकि 2200 पॉलिसियों का वेरिफिकेशन अभी बैंक द्वारा किया जा रहा है.
जिलाधिकारी गजल भरद्वाज ने बताया कि जिले में 1,41,000 नॉन केसीसी किसानों की पॉलिसियों की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है. इसमें से 82,028 आवेदन तीनों तहसीलों को वेरिफिकेशन के लिए भेजे गए हैं. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करें ताकि वे योजना का लाभ प्राप्त कर सकें.बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अब तक 13,000 किसानों ने अपने दस्तावेज सही कर अपलोड किए हैं, जिनमें से 10,000 आवेदन स्वीकार किए जा चुके हैं. किसानों की सुविधा के लिए बीमा कंपनी और बैंक ने स्पेशल विंडो खोली है. इस विंडो के माध्यम से किसान अगले 10 दिनों तक अपने अहम दस्तावेज जमा कर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ ले सकते हैं.
जिलाधिकारी ने बैठक में निर्देश दिए कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया तेज़ और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए और किसी भी पात्र किसान को योजना से वंचित न रहने दिया जाए. इसके साथ ही कृषि विभाग और बीमा कंपनी के अधिकारियों को कहा गया कि वे किसानों के आवेदन में आने वाली त्रुटियों को तुरंत सुधारें और उन्हें योजना का पूरा लाभ दिलाने के लिए हर संभव मदद करें.
बैठक के बाद जिला प्रशासन ने यह आश्वासन दिया कि सभी किसानों के आवेदन की निगरानी और वेरिफिकेशन जारी रहेगी, ताकि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ समय पर और सही किसानों तक पहुँच सके.
















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