वाह री व्यवस्था! कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज में पांच दिनों से बिजली ही नहीं

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कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्थाओं ने एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. करोड़ों रुपये की लागत से बनी बहुमंजिला इमारत में पिछले पांच दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने का आरोप है. गर्मी और उमस के बीच मरीज, तीमारदार और अस्पताल स्टाफ भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं.

5 दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित: अकबरपुर स्थित मेडिकल कॉलेज की 9 मंजिला इमारत में भर्ती मरीजों का कहना है कि पिछले पांच दिनों से बिजली नहीं है. बिजली न होने से वार्डों में लगे पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण बंद पड़े हैं. उमस भरी गर्मी में मरीजों की हालत बिगड़ रही है. सबसे अधिक परेशानी जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों को हो रही है, जहां बिना हवा के इलाज कराना मजबूरी बन गया है.

पीने के पानी के लिए बार बार नीचे उतरना पड़ता है: मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि बिजली के साथ-साथ पानी की भी गंभीर समस्या बनी हुई है. चौथी मंजिल के वार्ड में भर्ती मरीजों के परिजनों को पीने का पानी लेने के लिए बार-बार नीचे उतरना पड़ रहा है. कई लोगों ने बताया कि दिनभर में कई बार सीढ़ियां चढ़ने-उतरने से उनकी तबीयत भी खराब होने लगी है. एक तीमारदार ने कहा कि बेटी का इलाज कराने आए थे, लेकिन अब खुद बीमार होने की स्थिति बन गई है.

भीषण गर्मी से मरीज परेशान: बुखार से पीड़ित मरीज वंदना यादव और राजिया ने बताया कि बिजली न होने से वार्ड में भीषण गर्मी है और आराम करना मुश्किल हो गया है. वहीं नर्सिंग स्टाफ भी गर्मी से परेशान दिखाई दिया. कई नर्सें दफ्ती से हवा करती नजर आईं. हालात ऐसे हो गए कि कुछ मरीजों को नई बिल्डिंग से हटाकर पुरानी इमारत में भर्ती करना पड़ा, ताकि इलाज प्रभावित न हो.

बिजली व्यवस्था में आई तकनीकी खराबी: पूरे मामले पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अम्बरीश गुप्ता ने बताया कि बिजली व्यवस्था में तकनीकी खराबी आ गई थी. मरम्मत का लगभग 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और देर शाम तक बिजली आपूर्ति बहाल होने की उम्मीद है. करोड़ों रुपये की लागत से बने आधुनिक मेडिकल कॉलेज में यदि मरीजों को बिजली, पानी और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़े, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है. अब देखना होगा कि प्रशासन बिजली आपूर्ति कब तक पूरी तरह बहाल करता है और मरीजों को राहत मिल पाती है या नहीं.

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