अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी फाइनल रिपोर्ट शासन को सौंप दी है. गृह विभाग ने रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए इसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को उपलब्ध करा दिया है. सूत्रों के मुताबिक, फाइनल रिपोर्ट में राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय को क्लीन चिट दी गई है. वहीं, ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र पर भी कोई आरोप तय नहीं किए जाने की बात सामने आ रही है.
ट्रस्ट के अनुरोध पर शासन ने 13 जून को लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की थी. आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार को एसआईटी का सदस्य बनाया गया था. टीम ने जांच के दौरान चढ़ावे से जुड़े मामले में सामने आए तथ्यों, दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों की पड़ताल की.
एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी. प्रारंभिक रिपोर्ट में मामले में कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की गई थी. इसी रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था.
गृह विभाग ने आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंप दी है. इसे ट्रस्ट की 2 सिंतबर की होने वाली बैठक में रखा जाएगा.
दरअसल, चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट ने राज्य सरकार से SIT जांच का अनुरोध किया था. 13 जून को सरकार ने SIT बना दी थी.
हालांकि, चढ़ावा चोरी की जांच अभी जारी है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनाई गई दूसरी SIT इस मामले की जांच कर रही है. सुप्रीम कोर्ट ने SIT में जांच की कमान IPS को सौंपने को कहा था. साथ ही, इसमें फाइनेंस एक्सपर्ट को भी शामिल करने के निर्देश दिए थे.
इसके बाद 20 जुलाई को नई SIT बनाई गई थी. इसमें आईजी लखनऊ रेंज किरण एस, डीआईजी अयोध्या सोमेन वर्मा और अयोध्या एसएसपी गौरव ग्रोवर को शामिल किया गया था.
















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