बाराबंकी का 1100-साल पुराना मंदिर नदी में लटका, बचाने के लिए हवन, उन्नाव में नाव चली

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नेपाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की वजह से UP में नदियां उफान पर हैं. घाघरा, सरयू समेत 8 से ज्यादा नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. बाराबंकी में 1100 साल पुराने बाबा नारायण दास मंदिर सरयू नदी में लटक गया है. गांववाले और श्रद्धालु मंदिर को बचाने के लिए पूजा-पाठ और हवन कर रहे हैं.

उन्नाव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है. नदी के करीब रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है. गलियों में नाव चल रही है. बिजनौर में 2 दिन बाद स्टेट हाईवे से नदी का पानी नीचे उतर गया है. बहराइच में सड़कों पर घाघरा नदी का पानी बह रहा है. गोंडा में एल्गिन-चरसड़ी और भिखारीपुर-सकरौर तटबंध पर कटान शुरू हो गया है.

बाराबंकी के हेतमापुर में सरयू नदी का कटान तेज हो गया है. मस्जिद सरयू की धारा में समा चुकी है. मंदिर का एक हिस्सा नदी में लटक गया

इधर, बुधवार सुबह से पूरे प्रदेश में मौसम साफ है. तेज धूप निकली है। हल्की ठंडी हवाएं चल रही हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, यूपी की मानसून की विदाई शुरू हो गई है. मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ समेत पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों से मानसून वापस लौट चुका है. आज 7 शहरों में हल्की बारिश का अलर्ट है.

उन्नाव का गंगा का पानी रिहायशी इलाकों में पहुंच गया है. गलियों में नाव चल रही है.

इससे पहले, मंगलवार सुबह अमेठी, रामपुर और बदायूं में जनवरी जैसी धुंध देखने को मिली. कई जगहों पर 25 मीटर दूर तक देखना मुश्किल हो गया. सीएम योगी ने कुशीनगर में हेलिकॉप्टर से बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. उन्होंने लोगों से कहा- सरकार उनके साथ खड़ी है.

फतेहपुर में गंगा और पांडु नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. तेज बहाव के कारण 10 मीटर सड़क बह गई. रास्ता टूटने से ग्रामीणों के सामने आवागमन का संकट खड़ा हो गया है.

वाराणसी में BHU के मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया- “यूपी से मानसून वापस जाना शुरू हो गया है. मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ और आसपास के इलाकों से इसका असर पूरी तरह खत्म हो गया है. प्रदेश के बाकी हिस्सों से भी मानसून धीरे-धीरे पूरी तरह विदा हो जाएगा. मौसम में नमी कम होगी. तेज धूप की वजह से तापमान बढ़ेगा। स्थानीय मौसमी सिस्टमों की वजह से कुछ जिलों में हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है.”

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