प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के न्यूयॉर्क में ‘मोदी एंड यूएस’ कार्यक्रम में प्रवासी भारतीयों को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अपना नमस्ते भी मल्टीनेशनल हो गया है, लोकल से ग्लोबल हो चुका है. उन्होंने कहा कि मां भारती ने हमें जो सिखाया है उसे हम कभी भी भूल नहीं सकते हैं. हम जहां भी जाते हैं सबको परिवार मानकर उनसे घुलमिल जाते हैं. हम उस देश के वासी हैं जहां सैकड़ों भाषाएं हैं, सैकड़ों बोलियां हैं और तमाम मत हैं. इसके बावजूद हम लोग एक बनकर आगे बढ़ रहे हैं. इस हॉल में ही अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले लोग हैं.
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन की मेजबानी में विलमिंगटन में आयोजित क्वाड देशों के प्रमुखों के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद वह न्यूयॉर्क पहुंचे. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ‘डेलावेयर में कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद न्यूयॉर्क पहुंचा. शहर में आयोजित सामुदायिक कार्यक्रम में प्रवासी समुदाय के साथ भाग लेने और अन्य कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के लिए उत्सुक हूं.’
प्रधानमंत्री मोदी के ‘मोदी एंड यूएस’ कार्यक्रम से पहले भारतीय समुदाय के कलाकारों ने कथक नृत्य प्रस्तुत किया. कथक एक शास्त्रीय नृत्य शैली है जिसकी उत्पत्ति भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश में हुई थी. प्रधानमंत्री मोदी के ‘मोदी एंड यूएस’ कार्यक्रम से पहले भारतीय समुदाय के कलाकारों ने असमिया लोकगीत पर भी प्रस्तुति दी. न्यूज एजेंसी एएनआई ने लॉन्ग आइलैंड में नासाऊ कोलिजीयम के अंदर का वीडियो फुटेज जारी किया है.
‘कई देशों में लोकतंत्र का जश्न चल रहा है’
प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूयॉर्क में कहा कि कल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन मुझे अपने घर ले गए. ये सम्मान आपका है, यहां रहने वाले लाखों भारतीयों का है. मैं प्रेसिडेंट बाइडेन और आपका आभार व्यक्त करूंगा. उन्होंने कहा कि 2024 पूरी दुनिया के लिए अहम है. क्योंकि दुनिया के कई देशों के बीच संघर्ष है. तो कई देशों में डेमोक्रेसी का जश्न चल रहा है. भारत औऱ अमेरिका इस जश्न में साथ हैं. यहां अमेरिका में चुनाव होने वाले हैं और भारत में चुनाव हो चुके हैं. भारत में हुए इलेक्शन ह्यूमन हिस्ट्री के अब तक के सबसे बड़े चुनाव थे. अमेरिका की कुल आबादी से करीब दोगुना वोटर्स, बल्कि पूरे यूरोप की कुल आबादी से ज्यादा वोटर्स ने भारत में अपना वोट डाला. जब हम भारत की डेमोक्रेसी का स्केल देखते हैं तो औऱ भी गर्व होता है.
भाषा अनेक हैं, लेकिन भाव एक है’, बोले पीएम मोदी
मां भारती ने हमें जो सिखाया है, वो हम कभी भी भूल नहीं सकते, हम जहां भी जाते हैं, सबको परिवार मानकर उनसे घुल मिल जाते हैं. डायवर्सिटी को समझना, इसे जीना उसे अपने जीवन में उतारना ये हमारे संस्कारों में हैं, हमारी रगों में हैं. हम उस देश के वासी हैं जहां सैकड़ों भाषाए हैं, सैकड़ों बोलियां हैं, दुनिया के सारे मत और पंथ हैं फिर भी हम एक और नेक बनकर आगे बढ़ रहे हैं. इस हॉल में कोई तमिल बोलता है कोई तेलुगु कोई मलयालम कोई कन्नड, कोई पंजाबी, कोई मराठी तो कोई गुजराती बोलता है. भाषा अनेक हैं, लेकिन भाव एक है. वो भाव है भारत माता की जय.
प्रधानमंत्री मोदी की भारतीय प्रवासियों के साथ बातचीत में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड स्थित नासाऊ कोलिजियम में मौजूद भारतीय समुदाय की एक सदस्य ने कहा, ‘यहां आकर बहुत खुश हूं. मैं मोदी जी को देखने के लिए बहुत उत्साहित हूं. हमारे मन में उनके लिए बहुत प्यार और सम्मान है। मुझे भारतीय होने पर बहुत गर्व है.’
क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी जो बाइडन ने डेलावेयर में अपने गृहनगर विलमिंगटन में शनिवार को की जिसमें प्रधानमंत्री मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज और जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने भाग लिया. पीएम मोदी अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर हैं.
पीएम मोदी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे.













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