बिहार के गया जिले में सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर) के जिंदा कारतूस का झखीरा मिला है. आंती थाना क्षेत्र के मीठापुर गांव में कुंए से पुलिस को अत्याधुनिक एसएलआर राइफल के 1490 जिंदा कारतूस मिले हैं. कुआं में पानी नहीं है इसलिए आशंका है कि गांव के आसपास के ही गिरोह या क्रिमिनल ने इसे सूखे कुएं में फेंककर छुपा रखा था. पुलिस ने सूचना मिलने पर मंगलवार की रात इन कारतूसों को बरामद कर लिया है. पुलिस ने कहा है कि सारे कारतूस जिंदा लग रहे हैं.
पुलिस अब इस बात की जांच में जुटी है कि ये कारतूस किसके हैं और ये कुएं तक कैसे पहुंचे. गांव से दूर बहियार में बने इस कुएं से इतनी बड़ी संख्या में एसएलआर राइफल के कारतूस मिलने से पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है. गया जिला में नक्सलियों और माओवादियों का एक समय गहरा असर रहा है. ऐसे में पुलिस जांच पर सबकी नजर टिकी है जिससे ये पता चले कि कारतूसों का मालिक कौन है और उसने इसे क्यों जमा करके रखा था.
कोंच प्रखंड के अंदर आने वाला आंती थाना नक्सल प्रभावित रहा है. आंती पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर यह कामयाबी मिली है. टिकारी एसडीपीओ सुशांत कुमार चंचल ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन की. आंती थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि कुआं में भारी मात्रा में कारतूस रखे जाने की गुप्त सूचना मिली थी. जब कुएं के पास पहुंचकर छानबीन की गई तो सूखे कुआं में ऊपर से कुछ कारतूस फेंका दिखा. इसके बाद नाकेबंदी कर कुएं की तलाशी शुरू हुई.
उन्होंने बताया कि तलाशी में भारी मात्रा में कारतूस बाहर निकाला गया. थाने लाकर कारतूस की गिनती की गई है. उन्होंने बताया कि 1490 कारतूस बरामद किया गया है. कारतूस एसएलआर के हैं जो 2004, 2006, 2008 सहित अलग-अलग साल का बना है. आंती थानाध्यक्ष ने बताया कि जिस जगह से कारतूस की बरामदगी हुई है, वह कुआं मीठापुर गांव के दुखी बिगहा टोला के रहने वाले किसान मधेश्वर यादव की खेत में है. कारतूस यहां कैसे पहुंचा और किसके द्वारा छुपाया गया, इसकी जांच की जा रही है.













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