सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत आज: पूजा के समय करें पाठ, जानें विधि और दिव्य उपाय

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आज सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत है. सावन में भगवान शिव के अलावा मां गौरी की भी विशेष कृपा मिल सकती है. इसलिए सावन के मंगलवार को मां गौरी की उपासना की जाती है. चूंकि इस पूजा से जीवन में हर प्रकार का मंगल होता है, इसलिए इसे मंगला गौरी कहा जाता है. सावन के मंगलवार को मां गौरी की उपासना से विवाह और वैवाहिक जीवन की हर समस्या को दूर किया जा सकता है. खासतौर से अगर मंगल दोष समस्या दे रहा है तो इस दिन की पूजा अत्यधिक लाभदायक होती है.

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार महिलाओं को सावन में मंगला गौरी व्रत अवश्य करने चाहिए. अगर आप भी भगवान शिव और मां गौरी को प्रसन्न करना चाहते हैं और उनका आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो विधि विधान के साथ सावन के मंगलवार को मंगला गौरी व्रत करें. इतना ही नहीं, पूजा के समय पार्वती चालीसा का पाठ करें और आरती करें. इसके बाद ही आपकी पूजा पूर्ण मानी जाएगी.  

मां मंगला गौरी की पूजन विधि

सावन के मंगलवार को मां मंगला गौरी की पूजा की जाती है. इस दिन सवेरे जल्दी उठें और स्नानादि के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें. घर में पूजा के स्थान पर एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं. अब इस पर मां गौरी की प्रतिमा स्थापित करें. अब व्रत का संकल्प लेते हुए देवी के सामने एक चौमुखी आटे का दीपक प्रज्वलित करें. इसके बाद इन्हें धूप, नैवेद्य, फल, फूल आदि अर्पित करें. पूजा संपन्न होने के बाद मां गौरी की आरती करें और उनसे सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.

दिव्य उपाय

1. विवाह में बाधा आने पर करें ये उपाय सावन के मंगलवार को प्रातः काल में मां गौरी की पूजा करें. उनके समक्ष घी का एक बड़ा सा चौमुखी दीपक जलाएं. देवी को 16 फूल या 16 तरह के फूल चढ़ाएं. उसमें लाल रंग का फूल जरूर चढ़ाएं. मां को लाल रंग की चुनरी और लौंग अर्पित करें. इसके बाद मां के समक्ष बैठकर ‘ॐ ह्रीं गौर्ये नमः’ मंत्र का जाप करें.  मंत्र जाप के बाद शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें.

2. दांपत्य जीवन में मधुरता के लिए उपाय मंगला गौरी व्रत के दिन संध्या काल में मां गौरी की पूजा करें. मां गौरी के समक्ष घी के तीन दीपक जलाएं. इसके बाद मां के चरणों में सिंदूर अर्पित करें. देवी को इत्र अर्पित करें और 16 इलाइची चढ़ाएं. इसके बाद ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डाय विच्चे’ मंत्र का 11 माला जाप करें. इलाइची को अपने पास रख लें और प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.

3. वैवाहिक जीवन की समस्याओं का नाश अगर वैवाहिक जीवन में समस्याएं काफी बढ़ चुकी हैं और विवाह टूटने तक की नौबत आ गई है तो मध्य रात्रि मां गौरी की पूजा करें. भगवान शंकर और मां गौरी की संयुक्त पूजा करें. भगवान शंकर और माता पार्वती को वस्त्र अर्पित करें. देवी को सिन्दूर, चूड़ी, बिंदी,आभूषण, मेहंदी, काजल, शीशा, आलता आदि श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें. इसके बाद ‘ॐ गौरीशंकराय नमः’ मंत्र का 11 माला जाप करें. मंत्र जाप के बाद वैवाहिक जीवन के सुधार की प्रार्थना करें.

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