महाकुंभ में मकर संक्रांति से महाशिवरात्रि तक 6 दिन नहीं कर पाएंगे ‘अमृत स्नान’, करना होगा ये काम

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महाकुंभ 2025 का काउंटडाउन शुरू हो गया है. महाकुंभ में इस बार करोड़ो श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया है. अगर आपभी महाकुंभ में आना चाह रहे हैं तो अमृत स्‍नान के लिए घर बैठे रजिस्‍ट्रेशन करा सकते हैं. बता दें कि अमृत स्‍नान के लिए रजिस्‍ट्रेशन अनिवार्य है. ऐसे में घर से रजिस्‍ट्रेशन करा कर ही महाकुभ में आएं. तो आइये जानते हैं अमृत स्‍नान के लिए पंजीकरण कैसे करें?.

महाकुंभ में अमृत स्‍नान के लिए रजिस्‍ट्रेशन अनिवार्य

जानकारी के मुताबिक, महाकुंभ 2025 में अमृत स्‍नान सबसे पहले साधु-संत और नागा करते हैं. विशेष नक्षत्रों और ग्रहों की स्थिति के चलते अमृत स्‍नान का महत्‍व बढ़ जाता है. धार्मिक मान्‍यता है कि महाकुंभ में अमृत (शाही) स्‍नान का जल काफी चमत्‍कारी और फलदायी माना जाता है. ऐसे में अगर आपभी अमृत यानी शाही स्‍नान करना चाह रहे हैं तो रजिस्‍ट्रेशन करा लें. इसके लिए सबसे पहले आपको भारतीय नागरिक प्रज्ञान मिशन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. साथ ही महाकुंभ की आधिकारिक वेबसाइट mahakumbh.in पर जाकर भी रजिस्‍ट्रेशन करा सकते हैं.

अमृत स्‍नान के लिए कैसे करें रजिस्‍ट्रेशन?

इसके अलावा महाकुंभ मेला क्षेत्र में पहुंचकर आप मेला प्राधिकरण कार्यालय में जाकर भी अपना रजिस्‍ट्रेशन करा सकते हैं. बता दें कि महाकुंभ का पहला अमृत स्‍नान 13 जनवरी 2025 को है. इसके बाद दूसरा अमृत स्‍नान 14 जनवरी, तीसरा 29 जनवरी, चौथ तीन फरवरी, पांचवां 12 फरवरी और आखिरी अमृत स्‍नान 26 फरवरी को होगा. पौराणिक कथाओं के मुताबिक, करोड़ों साल पहले देवताओं और दानवों के बीच समुद्र मंथन हुआ था, इस दौरान अमृत कुंभ निकला था. उसके अमृत की कुछ बूंदें पृथ्‍वी पर गिर गई थीं.

अमृत स्‍नान के नियम और समय

अमृत स्‍नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 5 बजकर 25 मिनट से 6 बजकर 18 मिनट तक स्‍नान करना शुभ माना जाता है. इसके अलावा विजय मुहूर्त में दोपहर 2 बजकर 22 मिनट से लेकर 3 बजकर 5 मिनट तक स्‍नान किया जाता है. गोधूलि मुहूर्त में शाम 5 बजकर 55 मिनट से लेकर 6 बजकर 22 मिनट तक स्‍नान का मुहूर्त होता है. अमृत स्‍नान के दौरान साबुन और शैंपू का इस्‍तेमाल नहीं किया जाता है. स्नान करने बाद आपको अपने अनुसार अन्न, धन और वस्त्र आदि चीजों का दान करना चाहिए. इस दौरान दीपदान करना भी जरूरी होता है.

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