शनिवार को रमजान-उल-मुकद्दस का चांद नजर आने के बाद रविवार से रोजे शुरू हो जाएंगे. माह-ए-इबादत रमजान भी शुरू हो रहा है. रोजा इफ्तारी व सहरी का इंतजाम करने के लिए लोगों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. रमजान का पाक महीना रविवार से शुरू हो रहा है, यह महीना मुसलमानों के लिए बेहद खास माना जाता है, पूरे महीने मुसलमान रोजा रखते हैं पांच बक्त होने बाली नमाज के साथ साथ रात मे इशां की नमाज के वाद तराबी की नमाज अदा की जाती है जिसके चलते मस्जिदों मे रमजान के महीने मे नमाजियो की संख्या बढ़ जाती है.
शुक्रवार से ही लोग आज से शुरू होने वाले रोजे की सहरी और इफ्तार की तैयारियों में जुट गए थे. रमजान के महीने में मुस्लिम बहुल इलाकों में आमतौर पर देर रात तक चहल-पहल रहती है. मौलाना परवश ने कहा कि रमजान के महीने का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है. रोजेदार अपना अधिकतर समय इबादत में गुजारेंगे. और देश में अमनो अमान की दुआ करेंगे. इस महीने में हर नेक काम पर सवाब बढ़ा दिया जाता है, इसलिए सभी लोग ज्यादा से ज्यादा इबादत कर अल्लाह को राजी करने की कोशिश करते हैं.
रमजान का महत्व: रमजान का महीना इसलिए भी खास है, क्योंकि इसी महीने में कुरान नाजिल किया गया था. तरावीह की नमाज के दौरान इमाम द्वारा कुरान की तिलावत की जाती है और पूरे महीने में कुरान मुकम्मल किया जाता है. इस दौरान रोजेदार अल्लाह से देश में अमन-ओ-शांति की दुआ भी करते हैं.
सहरी और इफ्तार का समय
लखनऊ में सहरी का समय (2 मार्च)
सहरी का समय- सुबह 5 बजकर 11 मिनट
इफ्तार का समय – शाम 6 बजकर 09 मिनट
वाराणसी
सहरी का समय- सुबह 5 बजकर -03 मिनट
इफ्तार का समय – शाम 6 बजकर 01 मिनट
कानपुर
सहरी का समय- सुबह 5 बजकर -14 मिनट
इफ्तार का समय – शाम 6 बजकर 13 मिनट
प्रयागराज
सहरी का समय- सुबह 5 बजकर -05 मिनट
इफ्तार का समय – शाम 6 बजकर 06 मिनट
















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