ये हमारा घर नहीं है जो…दुबई में खेलने से खड़े होने वाले विवाद पर भड़के रोहित शर्मा

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चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से होगा. दोनों टीमें दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 4 मार्च को आमने-सामने होंगे. टूर्नामेंट के दौरान इस बात की बड़ी चर्चा हुई कि टीम इंडिया एक ही स्टेडियम में खेल रही है और इससे उसे फायदा मिल रहा है. अब रोहित शर्मा ने उन दावों को खारिज कर दिया कि भारत को चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के अपने सभी मैच दुबई में खेलने का अनुचित लाभ मिला है.

आलोचकों को रोहित का जवाब

रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल की पूर्व संध्या पर आलोचकों को करारा जवाब दिया. भारत ने दुबई में अपने ग्रुप ए मैचों में बांग्लादेश, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड को आसानी से पछाड़ते हुए टूर्नामेंट के अंतिम-चार चरण में प्रवेश किया. दुबई में प्रेस से बात करते हुए रोहित शर्मा ने कहा कि दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिचों ने हर मैच में नई चुनौतियांपेश कीं, जिससे टीम के लिए परिस्थितियों के अनुकूल होना मुश्किल हो गया. भारतीय कप्तान ने इस बात पर जोर दिया कि पिच में लगातार बदलाव होते रहे हैं.

टीम इंडिया पर लगे थे ये आरोप

रोहित इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन और माइकल अथर्टन सहित क्रिकेट पंडितों को जवाब दे रहे थे. इन दिग्गजों ने आरोप लगाए थे कि भारतीय टीम को अनुचित लाभ मिल रहा है. पाकिस्तान के कई पूर्व क्रिकेटरों ने भी इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल पर पक्षपात करने का आरोप लगाया. रोहित ने कहा, ”नहीं, देखिए हमने जो तीन मैच खेले, उनमें मैदान एक जैसा था, लेकिन तीनों मैच में पिच ने अलग-अलग व्यवहार किया.

पिच को लेकर रोहित का बयान

रोहित ने कहा, ”सेमीफाइनल में हमें नहीं पता कि कौन सी पिच पर खेला जाएगा. लेकिन जो भी हो हमें खुद को ढालना होगा और देखना होगा कि क्या हो रहा है. हम उसी पर खेलेंगे. यह हमारा घर नहीं है, यह दुबई है. इसलिए हम यहां इतने मैच नहीं खेलते। यह हमारे लिए भी नया है. आज (रविवार) हमने देखा कि जब बॉलर गेंदबाजी कर रहे थे, तो उनकी गेंद सीम कर रही थी और थोड़ी स्विंग कर रही थी. हमने पहले दो मैचों में ऐसा नहीं देखा था, जब हमारे गेंदबाज गेंदबाजी कर रहे थे. शाम को हवा में थोड़ी ठंड होती है. इसलिए जाहिर तौर पर स्विंग की बहुत संभावना है. हम यह जानते हैं, लेकिन हमने जो तीन मैच खेले उनमें चार या पांच सतहें हैं जिनका इस्तेमाल किया जा रहा है.”

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