ग्रहों के राजा और रोजाना साक्षात् दर्शन देने वाले सूर्य देव को समर्पित भानु सप्तमी बहुत महत्वपूर्ण तिथि होती है. यह दिन सूर्य देवता को प्रसन्न करने के लिए विशेष होता है. ज्योतिष में सूर्य को नवग्रहों में राजा का दर्जा दिया गया है. सूर्य सफलता, यश, सेहत, आत्मसम्मान और पिता के कारक ग्रह हैं. कुंडली में सूर्य मजबूत हो तो जातक खूब प्रसिद्धि, यश पाता है. उसकी यश कीर्ति दूर-दूर तक फैलती है. बड़ा लीडर बनता है. जिस भी क्षेत्र में जाए ऊंचा पद पाता है. साथ ही वह आत्मविश्वासी और कुशल नेतृत्व क्षमता वाला होता है. उसकी पर्सनालिटी आकर्षक होती है. इस बार भानु सप्तमी आज 11 अगस्त 2024, रविवार को ही पड़ रही है. ऐसे में यह तिथि और भी खास हो गई है.
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 11 अगस्त को सुबह 05 बजकर 44 मिनट से शुरू होगी और अगले दिन यानी 12 अगस्त को सुबह 07 बजकर 55 मिनट पर समाप्त होगी. उदय तिथि के अनुसार 11 अगस्त को भानु सप्तमी मनाई जाएगी.
भानु सप्तमी पर करें ये पूजा-उपाय
– भानु सप्तमी की सुबह सूर्य देव की पूजा जरूर करें. इसके लिए सुबह स्नान करके तांबे के लोटे में जल लें और उसमें लाल चंदन या रोली, लाल फूल, चावल और कुछ गेहूं के दाने डालें. फिर इससे सूर्य देव को अर्घ्य दें.
– सूर्य को अर्घ्य देते समय ‘ऊं घृणि सूर्याय नम:’ मंत्र का जाप करें. संभव हो तो सूर्य नमस्कार भी करें.
– भानु सप्तमी के दिन भगवान सूर्य के 12 नामों का जाप भी करें. भानु भी सूर्य का ही एक नाम है.
– सूर्य सप्तमी व्रत रख रहे हैं तो नमक का सेवन ना करें.
– भानु सप्तमी के दिन गुड़, गेहूं, घी, तांबे का सामान आदि का दान करें.
– भानु सप्तमी के दिन आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें. इससे करियर में आ रहीं रुकावटें दूर होंगी.
– यदि आपके माता-पिता किसी बीमारी से परेशान हैं तो उनके लिए भानु सप्तमी का व्रत रखें. सूर्य देव की कृपा से उनकी सेहत में सुधार होगा.
















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