कानपुर के रावतपुर स्थित विनायकपुर में देसी शराब ठेका के विरोध में दर्जनों महिलाएं सड़कों पर उतर आई. उन्होंने ठेका न खुलने देने की चेतावनी दी. इतना ही नहीं ठेकेदार की तरफ से पहुंचे लोगों को झाड़ू और डंडे से पीटा भी. सूचना पर रावतपुर पुलिस पहुंची तो इलाके की महिलाओं ने संयुक्त रूप से पुलिस को तहरीर भी दी है, वहीं पुलिस ने आबकारी विभाग के अफसर को भी इसकी सूचना दी. अफसर मौके पर पहुंचे मगर गुस्साई महिलाएं मानने को तैयार नहीं थी. इस पर अफसर ने जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तब जाकर महिलाएं हटी.
विनायकपुर रावतपुर में देसी शराब ठेका खुलना है. इसे लेकर दुकान भी चिन्हित हो चुकी है. बुधवार की सुबह वहां पर शराब की पेटियां आने को थी. इसकी जानकारी जब इलाके की महिलाओं को मिली, तो दर्जनों महिलाएं सड़क पर उतर आईं. वो उसी दुकान के सामने इकट्ठा हो गई, जहां पर शराब ठेका खुलना था. वहां पर महिलाओं ने नारेबाजी शुरू कर दी. नारा लगाया- नहीं खुलने देंगे नहीं खुलने देंगे, शराब ठेका नहीं खुलने देंगे. इसी दौरान वहां पर ठेकेदार के लोग पहुंचे. उन्होंने अपने स्तर पर महिलाओं को समझाने का प्रयास किया. इस पर महिलाएं बिफर गई. भीड़ में कुछ महिलाएं हाथों में डंडे और झाड़ू भी लिए थीं. ठेकेदार के लोगों ने विरोध किया तो महिलाओं ने झाड़ू और डंडे से उन्हें पीट दिया. इसपर उन लोगों ने कहा- यह उचित हरकत नहीं है. जब मामला ज्यादा गर्माने लगा तो महिलाओं की भीड़ में से किसी ने पुलिस को सूचित कर दिया.
सूचना पर रावतपुर पुलिस पहुंची। महिलाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन महिलाएं मानने को तैयार नहीं थी. इसपर आबकारी विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी गई. मौके पर दोनों विभाग के अफसर पहुंचे. उन्होंने महिलाओं को समझाया मगर न मानने पर उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच कर मामले में उचित कार्रवाई करेंगे. लगभग ढाई घंटे की मशक्कत के बाद महिलाओं ने रावतपुर पुलिस को तहरीर दी और उसके बाद अपने घर लौटी.
जाने तहरीर में क्या? रावतपुर थाने में तहरीर देने में उमा कनौजिया, विभा सिंह, नीतू कटियार, मोनिका सिंह, अंजू शुक्ला, खुशी, गुड्डी, गीता, पूनम, प्रतिमा, शोभा, फूलमती, सुमन मिश्रा, मनोरमा और रजनी सिंह शामिल रही. महिलाओं ने तहरीर में लिखा है कि दारू की दुकान के ठेकेदारों ने महिलाओं से गाली गलौज की. हाथापाई पर उतर आए. महिलाओं को जातिसूचक शब्दों में गालियां देते हुए भाग निकला.
मंदिर और स्कूल आसपास: महिलाओं का कहना था कि जहां ठेका खुल रहा है, वहीं थोड़ी दूरी पर मंदिर और स्कूल बना हुआ है. ऐसे में ठेका खुल जाने से महिलाओं और बच्चों का आना-जाना दूभर हो जाएगा. यहीं पर नशेबाजी होने लगेगी जिससे अपराधिक वारदातें भी होंगी. इस कारण चाहे कुछ भी हो जाए वो शराब ठेका नहीं खुलने देंगी.
इंस्पेक्टर रावतपुर केके मिश्रा ने बताया कि ठेका वहां खुलेगा की नहीं यह राजस्व और आबकारी विभाग का मसला है. कानून व्यवस्था न बिगड़े यह पुलिस की जिम्मेदारी है. जो तहरीर मिली है उसकी जांच कर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी. उसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा.
















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