कब मनाया जाएगा गंगा दशहरा ? पितरों के मोक्ष का सर्वोत्तम उपाय, बिल्कुल ना करें ये गलतियां

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गंगा दशहरा हिंदुओं का बड़ा पर्व है. इस दिन गंगा नदी में स्‍नान करने, गंगा मां की पूजा करने और दान करने का बड़ा महत्‍व है. गंगा जी में स्‍नान करने से एक ओर सारे पाप नष्‍ट होते हैं, वहीं पितृ भी प्रसन्‍न होते हैं. पितृ दोष दूर होता है. इस साल 5 जून को गंगा दशहरा मनाया जाएगा. इसी दिन राजा भागीरथ की कठोर तपस्‍या के फलस्‍वरूप मां गंगा शिवजी की जटाओं से निकलकर धरती पर आई थीं. यह ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि और हस्त नक्षत्र की शुभ घड़ी थी, जब धरती पर गंगा नदी प्रकट हुईं थीं. इस पुण्य दिन को हर साल गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है. गंगा नदी के सभी घाटों पर भारी भीड़ होती है. दूर-दूर से श्रद्धालु गंगा नदी में स्‍नान करने के लिए आते हैं.

गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, इस साल दशमी तिथि 4 जून को रात 11 बजकर 55 मिनट से लेकर 6 जून को रात करीब 2 बजकर 14 मिनट तक रहेगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, गंगा दशहरा का त्योहार पांच जून 2025 को मनाया जाएगा.

गंगा दशहरा का महत्‍व

गंगा दशहरा के दिन गंगा स्‍नान करने से व्यक्ति सभी पाप धुल जाते हैं, उसे और उसके पूर्वजों को मोक्ष प्राप्‍त होता है. साथ ही गंगा दशहरा के दिन किया गया दान 10 गुना पुण्‍य देता है. इस दिन दीपदान भी जरूर करना चाहिए.

गंगा दशहरा के दिन ना करें ये गलतियां

गंगा दशहरा का दिन बेहद महत्‍वपूर्ण और पवित्र दिन होता है. इस दिन कोई ऐसी गलती नहीं करनी चाहिए जो पितरों को या देवी-देवताओं को नाराज कर दे.

– गंगा दशहरा के दिन दान करना चाहिए लेकिन गलती से भी किसी को फटे-पुराने कपड़े, टूटी चप्‍पल, खराब जूते, टूटे बर्तन, बासी खाना दान में ना दें. ऐसा करना कुंडली के कई ग्रहों को कमजोर कर सकता है और इससे वे नकारात्‍मक फल देने लगते हैं. जिससे घर में गरीबी-कर्ज बढ़ता है. पितर भी नाराज होते हैं. पितरों की नाराजगी घर-परिवार की खुशहाली और बरकत छीन लेती है. घर में झगड़े होते हैं, लोगों की तरक्‍की रुक जाती है.

– साथ ही किसी को चाकू-छुरी या कोई धारदार चीज भी गंगा दशहरा के खास मौके पर दान ना दें. इस दिन अनाज, रसीले फल, टोपी, छाता, सूती कपड़े जैसी चीजें दान करना बड़ा लाभ देता है.

– साथ ही गंगा दशहरा के दिन काले रंग के कपड़े, काली दाल का दान ना करें. इस दिन काली चीजों का दान करने से नकारात्‍मकता बढ़ती है.

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