कानपुर के हॉस्टल में NEET स्टूडेंट का नहाते समय का वीडियो बनाने, 60 हजार वसूलने में मैनेजर-कर्मचारी गिरफ्तार

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कानपुर में हॉस्टल मैनेजर ने नीट की तैयारी कर रही छात्रा का नहाते समय वीडियो बना लिया. कर्मचारी और मैनेजर ने वीडियो दिखाकर छात्रा से 60 हजार रुपए वसूल लिए. इसके बाद संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने लगे. विरोध करने पर वीडियो छात्रा के मंगेतर को भेज दिया.

मामला कानपुर देहात क्षेत्र का है. वहीं छात्रा का आरोप है कि जब वह मंगेतर के साथ थाने में शिकायत करने गई तो पुलिस ने मंगेतर को ही थाने में बैठा लिया. अधिकारियों से इसकी शिकायत करने के बाद छोड़ा.

5 अप्रैल को बनाया था वीडियो: मिली जानकारी के अनुसार वीडियो 5 अप्रैल को बनाया था. कानपुर देहात निवासी युवती गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही है. छात्रा ने बताया कि 5 अप्रैल को बाथरूम में नहाते समय हॉस्टल मैनेजर महफूज खान व कफिल अंसारी ने मेरा अश्लील वीडियो बना लिया. वायरल करने की धमकी देकर दोनों ने 60 हजार रुपए वसूल लिए. कुछ दिन बाद शारीरिक संबंध के लिए मेरे ऊपर दबाव बनाने लगे. विरोध करने पर वीडियो मेरे मंगेतर को भेज दिया. इसके बाद मैं परेशान हो गई. मामले की जानकारी कल्याणपुर ACP को दी.

पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है. ब्लैक टी-शर्ट में मैनेजर महफूज खान व शर्ट में कर्मी कफिल अंसारी.

ACP अभिषेक पांडे ने बताया कि पीड़ित छात्रा की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. दोनों को गिरफ्तार किया गया. दोनों से पूछताछ की जा रही है. वहीं, छात्रा और उसके मंगेतर से वीडियो मांगा गया है.

शिकायत करने पहुंचे मंगेतर को ही थाने में बैठाया: पीड़िता ने आरोप लगाया कि वह अपने मंगेतर संग रावतपुर थाने शिकायत करने गई जहां पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय मंगेतर पर ही मारपीट करने का आरोप लगाकर थाने में बैठा लिया. शिकायत करने पर ACP ने तत्काल संज्ञान में लिया. उन्होंने मंगेतर को थाने से छुड़वाया. इसके बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज करके एक्शन लिया. रावतपुर इंस्पेक्टर केके मिश्रा का कहना है कि वीडियो मिलने के बाद आक्रोशित मंगेतर ने छात्रा के साथ मारपीट की थी जिसका वीडियो भी पुलिस के पास है. इसी आधार पर उसे थाने में बैठाया गया था.

फीस और पॉकेट मनी की रकम ब्लैकमेलिंग में दी: पीड़िता ने बताया कि जब आरोपी मुझे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे तो मैंने डरकर अपनी फीस और पॉकेट मनी की पूरी रकम दे दी. पहली बार में 50 हजार दिए. इसके बाद 500-500 जोड़कर 10 हजार की रकम आरोपियों को दी. मैं कोचिंग में अपना एडमिशन भी नहीं करा पाई. हॉस्टल संचालक अपराधी किस्म का है. उसने रास्ते में रोककर बाहरी होने का हवाला देकर मुझे धमकी भी दी.

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