पाकिस्तान अब भूकंप को लेकर दहशत में, 48 घंटे में 21 बार आया जलजला, कराची में अफरा-तफरी

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पाकिस्तान का सबसे बड़ा शहर कराची बीते 48 घंटों में 20 से अधिक भूकंप के झटकों से हिल गया है. पूरे शहर में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल है. रविवार रात से शुरू हुए इन भूकंपों की तीव्रता 2.1 से 3.6 मैग्नीट्यूड के बीच रही है. हालांकि, पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन कुछ स्वतंत्र भूवैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यह छोटे भूकंप एक बड़े और विनाशकारी भूकंप का संकेत हो सकते हैं.

भूकंपों की श्रृंखला और मलीर जेल में हादसा: कराची में रविवार रात से भूकंपों की झड़ी लग गई है. अब तक 21 हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए हैं. इनमें सबसे शक्तिशाली भूकंप 3.6 मैग्नीट्यूड का था, जिसने रविवार रात को शहर को हिला दिया. इस झटके के कारण मलीर जेल की दीवार आंशिक रूप से ढह गई, जिसके परिणामस्वरूप 216 कैदी भाग निकले. ये अपराधी पूरे शहर में छिप रहे हैं जिससे लोगों में और भी दहशत है. इस घटना ने प्रशासन को सकते में डाल दिया है और जेलब्रेक की जांच शुरू कर दी गई है.

कराची के गदाप और कायदाबाद जैसे इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. स्थानीय लोगों ने खोखरापार, मलीर, लांधी, फ्यूचर मोर, गुल अहमद और हॉस्पिटल चौक जैसे क्षेत्रों में धरती हिलने की सूचना दी. हालांकि, अभी तक किसी बड़े जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन लगातार भूकंपों ने शहरवासियों में भय पैदा कर दिया है.

बड़ी तबाही की आशंका: पाकिस्तान मौसम विज्ञान विभाग (पीएमडी) के महानिदेशक माहर साहिबजाद खान ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा, “अगले दो से तीन दिनों तक हल्की तीव्रता के भूकंप आ सकते हैं, लेकिन स्थिति में सुधार होगा और इनकी तीव्रता कम हो जाएगी.” कराची के मुख्य मौसम विज्ञानी आमिर हैदर लघारी ने बताया कि शहर में एक ऐतिहासिक फॉल्ट लाइन सक्रिय हो गई है, जो इन भूकंपों का कारण बन रही है. उन्होंने कहा, “यह फॉल्ट लाइन अपनी भूकंपीय ऊर्जा को रिलीज कर रही है, और हमें उम्मीद है कि एक सप्ताह के भीतर ये छोटे झटके खत्म हो जाएंगे.”

हालांकि, स्वतंत्र भूवैज्ञानिकों का दृष्टिकोण इससे अलग है। अर्थक्वेक न्यूज एंड रिसर्च सेंटर के सीईओ शाहबाज लघारी ने दावा किया कि उनकी टीम ने इन भूकंपों की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी. उन्होंने चेतावनी दी, “शुक्रवार और शनिवार की रात कराची के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. हमारा शोध बताता है कि छोटे भूकंपों की श्रृंखला अक्सर एक बड़े भूकंप का संकेत होती है.” लघारी ने सुझाव दिया कि सिंध सरकार को जनता को पहले से चेतावनी देनी चाहिए.

कराची विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के डॉ. इमरान अहमद खान ने कहा कि भारतीय, यूरेशियन और अरेबियन प्लेटों के बीच असंतुलन के कारण ये भूकंप आ रहे हैं. उन्होंने कहा, “जब तक इन प्लेटों के बीच संतुलन स्थापित नहीं हो जाता, तब तक भूकंप आ सकते हैं. हालांकि, कराची सक्रिय प्लेट सीमाओं से दूर है, इसलिए यहां बड़े भूकंप की संभावना कम है.”

हैरानी की बात यह है कि संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) और भारत के राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने रविवार के बाद से कराची क्षेत्र में किसी भी भूकंपीय गतिविधि को दर्ज नहीं किया है. इससे स्थानीय निगरानी और रिपोर्टिंग सिस्टम पर सवाल उठ रहे हैं. यह अंतर यह संकेत देता है कि पाकिस्तान के भूकंप निगरानी तंत्र में कुछ खामियां हो सकती हैं, जिसे तत्काल सुधारने की जरूरत है.

सोशल मीडिया पर दहशत और अफवाहें लगातार: भूकंपों के कारण कराची में सोशल मीडिया पर भी हलचल मची हुई है. लोग बड़े भूकंप की आशंका को लेकर चिंता जता रहे हैं और कई अफवाहें भी फैल रही हैं. कुछ यूजर्स ने दावा किया कि ये छोटे भूकंप एक “मेगा अर्थक्वेक” का संकेत हो सकते हैं, जबकि अन्य ने प्रशासन से बेहतर तैयारी और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है.

पाकिस्तान के लिए कितना खतरनाक है भूकंप? पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति इसे भूकंपों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनाती है. देश भारतीय, यूरेशियन और अरेबियन टेक्टॉनिक प्लेटों के जंक्शन पर स्थित है, जिसके कारण यहां बार-बार भूकंप आते हैं. हाल के महीनों में पाकिस्तान में कई भूकंप दर्ज किए गए हैं, जिनमें 30 अप्रैल को 4.4 मैग्नीट्यूड और 12 अप्रैल को 5.8 मैग्नीट्यूड के भूकंप शामिल हैं.

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