चिनाब ब्रिज पर हाथ में तिरंगा लेकर निकले PM मोदी… कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को दिखायी हरी झंडी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शुक्रवार) को जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने चिनाब ब्रिज और अंजनी पुल का उद्घाटन किया. साथ ही उन्होंने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाई. चिनाब पुल, दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च ब्रिज, कश्मीर घाटी को पूरे भारत से हर मौसम में रेल संपर्क प्रदान करेगा और कटरा-श्रीनगर यात्रा का समय कम करेगा. पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ये प्रधानमंत्री का कश्मीर का पहला दौरा है. यहां वह 46 हजार करोड़ की परियोजनाओं की सौगात देने आए हैं.

इस पहल से कनेक्टिविटी में सुधार होगा और कहा गया कि ‘दिल की दूरी और दिल्ली की दूरी कम होगी’. इस दौरे से क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा. 

प्रधानमंत्री चिनाब ब्रिज का उद्घाटन किया. यह पुल एफिल टावर से भी ऊंचा है और इसे भारत की इंजीनियरिंग ताकत का प्रतीक माना जा रहा है. इसे बनाने में करीब 1500 करोड़ की लागत आई है.

चिनाब ब्रिज का प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्धाटन, हाथ में तिरंगा लेकर चले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिनाब नदी पर बनी चिनाब ब्रिज का उद्धाटन किया है. जम्मू-कश्मीर के लोगों को प्रधानमंत्री ने बड़ी सौगात दी है. चिनाब ब्रिज से तस्वीरें सामने आई हैं. जिसमें प्रधानमंत्री हाथ में तिरंगा लेकर चलते हुए नजर आ रहे हैं.

USBRL परियोजना में आई 43 हजार 780 करोड़ की लागत

रेलवे मंत्रालय के मुताबिक, उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेलवे लिंक (USBRL) परियोजना की कुल लंबाई 272 किलोमीटर है और इसकी लागत लगभग ₹43,780 करोड़ रुपये है. इसमें 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल हैं. यह परियोजना रणनीतिक दृष्टि से अहम है क्योंकि इससे न केवल स्थानीय लोगों को सुविधा मिलेगी, बल्कि देश की सुरक्षा के लिहाज़ से भी कनेक्टिविटी मजबूत होगी. USBRL परियोजना की शुरुआत 1997 में हुई थी, लेकिन भूगर्भीय और भौगोलिक कठिनाइयों के कारण यह कई बार अटकती रही.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि 272 किमी लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) परियोजना के पूर्ण होने में प्रधानमंत्री मोदी की राजनीतिक इच्छाशक्ति और तकनीकी टीमों को दिए गए समर्थन की अहम भूमिका रही है. उन्होंने कहा, “2004 से 2014 तक केवल समतल हिस्सों में ट्रैक बिछाया गया, लेकिन कठिन पहाड़ी क्षेत्रों में काम नहीं हुआ. पीएम मोदी के नेतृत्व में यह असंभव सपना आज हकीकत बन गया है.”

USBRL प्रोजेक्ट के तहत साल 2009 में काजीगुंड-बारामूला सेक्शन शुरू हो गया था. वर्ष 2013 में 18 किलोमीटर बनिहाल-काजीगुंड सेक्शन शुरू हुआ. वर्ष 2014 में 25 किलोमीटर ऊधमपुर-कटरा, वर्ष 2023 में बनिहाल से संगलदान शुरू हुआ था और अब संगलदान से कटरा के बीच रेल का सफर शुरू होने वाला है.

दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल और भारत का पहला केबल स्टे रेलवे ब्रिज

रेल मंत्री के अनुसार, चिनाब नदी पर बना 1.3 किमी लंबा रेलवे पुल 359 मीटर ऊंचा है, जो पेरिस के एफिल टावर से भी 35 मीटर ऊंचा है. यह पुल 260 किमी प्रति घंटे की हवा और भूकंपीय ज़ोन-V में भी स्थिर रह सकता है. इसके निर्माण में 30,000 टन स्टील और आधे फुटबॉल मैदान जितनी चौड़ी नींव का उपयोग किया गया है.

वहीं अंजी ब्रिज देश का पहला ऐसा रेलवे ब्रिज है जिसमें केबल-स्टे तकनीक का उपयोग हुआ है. आमतौर पर इस तकनीक का इस्तेमाल हाइवे पर होता है, लेकिन यहां 4,000 टन तक के ट्रेन भार को झेलने के लिए इसे खासतौर पर डिज़ाइन किया गया है.

वंदे भारत ट्रेन में मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

टिकट किराया:

-चेयर कार (CC): ₹715 -एग्जीक्यूटिव क्लास (EC): ₹1320

ट्रेन सुविधाएं:

-एंटी-फ्रीजिंग तकनीक -सब-जीरो कंडीशन में हीटिंग सिस्टम -360 डिग्री घूमने वाली सीटें -USB चार्जिंग पॉइंट -शुद्ध शाकाहारी भोजन के साथ स्थानीय व्यंजन

वंदे भारत ट्रेन सेवा 7 जून से आम यात्रियों के लिए शुरू होगी. ये ट्रेनें कटरा और श्रीनगर के बीच दिन में चार फेरे लगाएंगी. फिलहाल इनका एकमात्र स्टॉप बनिहाल में होगा. इसमें चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास दोनों श्रेणियों की सुविधा होगी, और यात्रियों को शाकाहारी भोजन के साथ कुछ स्थानीय व्यंजन भी परोसे जाएंगे.

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