कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान 7 घंटे हंगामा होता रहा. यात्रा में साउंड बॉक्स लगाने को लेकर पुलिस और पनकी हनुमान मंदिर के महंत के बीच विवाद हुआ. इसके बाद सैकड़ों समर्थक नयागंज पीपल वाली कोठी पर धरने पर बैठ गए. रात में 8 बजे प्रशासन ने इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया.
मंदिर के महंत जितेंद्र दास और कृष्ण दास ने बताया, दोपहर 1 बजे रथयात्रा निकलने से पहले नयागंज के इंस्पेक्टर उनके पास पहुंचे और बैंड में सिर्फ दो स्पीकर लगाने को कहा. इसका हमने विरोध किया. इस दौरान पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की. इसके बाद समर्थकों ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाए. पुलिस के अधिकारियों पनकी महंत और समर्थकों को समझाने का प्रयास किया, मगर वो इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े रहे.
इसी बीच सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी भी समर्थकों के साथ पहुंचे. हनुमान चालीसा पढ़ी गई, गुस्साए महंत हाथ जोड़कर मार्केट में निकले, इसके बाद व्यापारियों ने बाजार बंद किया है. महंत ने अल्टीमेटम दिया कि रात 8 बजे तक अगर नयागंज इंस्पेक्टर को सस्पेंड नहीं किया गया, तो मैं आत्मदाह कर लूंगा.
BJP के कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्रीय संयोजक विनोद गुप्ता भी समर्थकों के बीच पहुंचे. उन्होंने कहा- हम क्या पाकिस्तान में रथ यात्रा निकलेगी. मंदिर से जुड़े 40 मंडल है, जो 210 सालों से यात्रा निकाल रहे हैं, सभी लोग पुलिस कार्रवाई के विरोध में हैं. रात में 8 बजे प्रशासन ने इंस्पेक्टर को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया. इसके बाद महंत और उनके समर्थकों ने प्रदर्शन रोक दिया.
अब तय समय से 4 घंटे लेट रथयात्रा निकाली जा रही है. कानपुर में जगन्नाथ रथयात्रा का इतिहास 215 साल पुराना है. यहां दोपहर 1 बजे जरनलगंज स्थित जगन्नाथ गली से यात्रा निकली जानी थी. यात्रा काहूकोठी, नयागंज चौराहा, हूलागंज, भूसाटोली, नागेश्वर मंदिर, नयागंज चौराहा, मनीराम बगिया, मेस्टन रोड, चौक सर्राफा, कोतवाली चौराहा, शिवाला, संगम लाल मंदिर, कमला टावर, लाठी मोहाल होकर जनरलगंज स्थित जगन्नाथ मंदिर पर ही खत्म होगी.
















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