ज्योतिष शास्त्र में शनि का गोचर बेहद खास माना जाता है. जब न्याय के देवता शनि वक्री चाल चलते हैं, तो कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 13 जुलाई 2025 को शनि कुंभ राशि में उल्टी चाल चलेंगे. खास बात यह है कि इसी दिन चंद्रमा कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही राहु विराजमान हैं. वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंभ राशि में शनि और चंद्रमा के एकसाथ होने से ग्रहण योग का निर्माण होगा. ज्योतिषियों का मानना है कि यह घटना एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना होगी, जिसका असर कुछ राशि वालों के जीवन पर दिखाई दे सकता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि ग्रहण योग और शनि की वक्री चाल का यह संयोग किन 3 राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.
मिथुन राशि: ग्रहण योग में शनि की वक्री चाल मिथुन राशि वालों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. व्यापार में धन हानि के योग बन रहे हैं.लेन-देन से दूर रहें. मानसिक तनाव बना रहेगा. कारोबार में आर्थिक नुकसान के संकेत हैं. इसलिए इस दौरान बहुत सावधान रहना होगा. जीवनसाथी के साथ मनमुटाव हो सकता है. लव लाइफ में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है.
तुला राशि: इस संयोग से तुला राशि वालों पर आर्थिक संकट मंडरा सकता है. फिलहाल बड़े खर्चों से बचें. उधार दिया पैसा वापस नहीं मिलेगा. वाद-विवाद से दूर रहें. सतर्कता बनाए रखें. यात्रा योग से आर्थिक नुकसान हो सकता है. कारोबार में आर्थिक स्थित बिगड़ सकती है. नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
कुंभ राशि: चूंकि यह संयोग कुंभ राशि में हो रहा है, इसलिए इसका सबसे ज्यादा प्रभाव कुंभ राशि के जातकों पर पड़ने वाला है. आपकी आर्थिक स्थिति डगमगा सकती है. इस समय निवेश से दूर रहें. जरूरी कार्य में रुकावटें आ सकती हैं.
अशुभ काल
राहु- 12:26 pm से 02:10 pm
यम गण्ड- 07:14 am से 08:58 am
कुलिक- 10:42 am से 12:26 pm
दुर्मुहूर्त- 11:59 am से 12:54 pm
शुभ काल
अमृत काल- 10:00 pm से 11:43 pm
ब्रह्म मुहूर्त- 04:09 am से 04:50 am
शुभ योग
रवि योग- 05:30 am से 04:50 am, जुलाई 10
















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