फतेहपुर में क्या ठाकुर जी के मंदिर को अकबर के पोते ने बना दिया मकबरा? जानें कैसे हुआ शुरू विवाद

Spread the love

रिजवान उददीन, फतेहपुर।
फतेहपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के रेडइया मोहल्ले आबू नगर ने मकबरा और मन्दिर विवाद को लेकर विवादित स्थल में तनाव का माहौल है. आज सुबह 11 बजे हिन्दू संगठन और बीजेपी जिलाध्यक्ष ने पूजा करने का आवाहन किया था. हिन्दू संगठनों ने दावा किया है कि वह मकबरा नहीं बल्कि एक मंदिर है.

भगवान शिव और ठाकुर जी का मंदिर था: हिंदू संगठनों का दावा है कि पहले यहां पहले भगवान शिव और ठाकुर जी का मंदिर था, जिसे तोड़कर मकबरा बनाया गया. हिंदू संगठनों का दावा है कि इस मकबरे में शिवलिंग और नंदी की मूर्ति मौजूद है. इतना ही नहीं यह भी दावा है कि मकबरे की दीवारों और गुंबदों पर त्रिशूल, फूल और दूसरे हिंदू धार्मिक चिन्ह उकेरे हुए हैं. जो यह साबित करते हैं कि यह मकबरा नहीं बल्कि हिंदुओं का मंदिर था.

500 साल पुराना है मकबरा’: वहीं, मकबरे के मुतवल्ली मोहम्मद नफीस के मुताबिक अब्दुल समद मकबरा 500 साल पुराना है, जिसे अकबर के पोते ने बनवाया था. यहां अबू मोहम्मद और अबू समद की मजारें मौजूद हैं. मोहम्मद नफीस बताते हैं कि इस मकबरे के निर्माण में 10 साल लगे थे.

सरकारीरिकार्ड में खसरा नंबर 753 जहां पर मकबरा स्थित है एक राष्ट्रीय संपत्ति है जिसे ‘मकबरा मांगी’ बताया गया है. यह दर्शाता है कि यह एक संरक्षित संपत्ति है. हालांकि हाल ही में धार्मिक दावों के चलते पूरे इलाके में इस मकबरा को लेकर तानाव बढ़ गया है.

कैसे विवादों में आया मकबरे का आस्तित्व: मंदिर या मकबरे का विवाद तब तूल पकड़ा जब एक स्थानीय युवक ने दावा किया कि साल 2007 से 2008 के बीच उसने मकबरे के अंदर मौजूद शिवलिंग पर दीपक जलाया था. युवक का दावा है कि मंदिर के स्वरूप से छेड़छाड़ की गई है जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. इन्हीं दावों के बीच कुछ दिन पहले हिंदू संगठनों ने ऐलान किया था कि 11 अगस्त को वो इस मकबरे में पूजा करेंगे.

इन्ही दावों और ऐलानों के चलते सोमवार 11 अगस्त को सुरक्षा के लिए पुलिस लगाई गई थी लेकिन हिंदू संगठनों ने बड़ी संख्या में यहां पहुंचकर पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिये और नारे लगाते हुए मकबरे में पूजा करने के लिए घुस गए. यह दावा किया जा रहा है कि मकबरे को तोड़ने की कोशिश भी की गई है.

भगवा झंडा लगाया: हजारों की संख्या में एकत्रित हिंदू संगठन के लोग कर्पूरी ठाकुर चौराहा डाक बंगले के पास एकत्रित होकर बैरिकेडिंग गिराकर अन्दर मकबरा परिसर पर एकत्रित हुए. इसके बाद मकबरा परिसर में हिंदू संगठनों के लोग चढ़कर मजार में तोड़फोड़ कर भगवा झंडा लगाया. वहीं मुस्लिम संगठन के लोग भी विवादित स्थल के पास एकत्रित हो गए और पथराव भी किया.

मठ मंदिर संरक्षण संघर्ष समिति, बीजेपी समेत हिन्दू संगठनों ने इसको ठाकुर जी का मंदिर बताया है. और मंदिर के स्वरूप को बदल कर मकबरा बनाने का मुस्लिम समुदाय के ऊपर आरोप लगाया है. वहीं राष्ट्रीय ओलमा कॉउन्सिल के राष्ट्रीय सचिव ने सैकड़ों साल पुराना नवाब अब्दुस समद मकबरा बताया है. फिलहाल जिला प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट पर है और कई थानों की पुलिस फोर्स मुस्तैद है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *