आज 2 दिसंबर 2025 को मार्गशीर्ष माह का शुक्ल प्रदोष व्रत है. आज मंगलवार है, ऐसे में इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, 2 दिसंबर 2025 को शाम में 03:57 बजे से त्रयोदशी तिथि शुरू होकर अगले दिन 3 दिसंबर को दोपहर 12:25 बजे समाप्त होगी. प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि के अनुसार 2 दिसंबर को प्रदोष व्रत रखा जा रहा है. आइए इस कड़ी में जानें कि शिव पूजा के लिए क्या उत्तम मुहूर्त है और इस शाम कौन से उपाय कर शिव जी की कृपा पायी जा सकती हैं.
माना जाता है कि यह दिन भगवान शिव और संकटमोचक हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वश्रेष्ठ होता है. इस दिन किए गए व्रत और पूजा से जीवन में चल रही कठिनाइयां कम होती हैं. सभी पापों से मुक्ति मिलती है और भाग्य के द्वार खुलते हैं. हर महीने प्रदोष व्रत त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है. लेकिन जब यह तिथि मंगलवार को आती है तो उसे भौम प्रदोष कहा जाता है जिसका प्रभाव कई गुना अधिक माना जाता है.

पूजा का मुहूर्त: पहला मुहूर्त रहेगा गोधूलि मुहूर्त जिसकी शुरुआत आज शाम 5 बजकर 57 मिनट से होगी और समापन शाम 6 बजकर 23 मिनट तक होगा. दूसरा मुहूर्त है सायाह्न संध्या का, जो कि शाम 6 बजे से लेकर शाम 7 बजकर 17 मिनट तक. इन मुहूर्तों में होगा शाम को भगवान शिव का पूजन.
प्रदोष व्रत के उपाय मनोकामना पूर्ति के लिए उपाय मनोकामना पूर्ति के लिए भौम प्रदोष व्रत पर शाम के समय महादेव की आराधना पूजा करें. इसी समय शिवलिंग पर 3 सूखे नारियल चढ़ाएं और साथ साथ में अपनी मनोकामना को दोहराते रहें. महादेव सभी मनोकामनाओं के पूरा होने का आशीर्वाद देंगे.
प्रेम जीवन के लिए उपाय प्रदोष व्रत पर शाम के समय शिव जी और माता पार्वती की एक साथ उपासना करें औऱ फल, फूल, मिठाई, श्रृंगार आदि सामग्री अर्पित करें. इसके साथ ही 11 बार ‘ऊँ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते रहें. इससे प्रेम जीवन में सुधार होगा और क्लेश दूर होंगे.
अच्छे स्वास्थ्य के लिए उपाय: घर के किसी सदस्य का स्वास्थ्य बार बार खराब होता है तो प्रदोष व्रत पर शाम के समय महादेव की पूजा करें और शिव चालीसा का पाठ करें. भगवान अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद तो देंगे ही, इसके साथ ही मन शांत होगा और सोच सकारात्मक होगी.
बड़ी समस्या से उबरने का उपाय: प्रदोष व्रत पर महादेव की पूजा करें और शिवलिंग पर 11 शमी पत्र चढ़ाएं. साथ में ‘ऊँ नमः शिवाय’ मंत्र जपें. इससे मानसिक शांति तो मिलेगी ही साथ में बड़ी से बड़ी समस्या से उबरने का रास्ता भी मिलेगा.
पीपल के पत्तों का उपाय: पैसों की कमी दूर करने के लिए प्रदोष काल में महादेव की पूजा करें. 3 पीपल के पत्तों पर हल्दी से स्वास्तिक चिह्न बनाए और अपनी इच्छा जैसे धन पाने की मनोकामना आदि लिखें और ‘ऊँ नमो भगवते नारायणाय’ मंत्र का जाप करते हुए महादेव को अर्पित करें. पूजा के अंत में किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगे. पैसों की दिक्कत दूर होगी.
विशेष महत्व: भौम शब्द मंगल के लिए प्रयोग होता है और प्रदोष त्रयोदशी तिथि को दर्शाता है. इसलिए, मंगलवार की त्रयोदशी को भौम प्रदोष कहा जाता है. इस दिन शिव और हनुमान जी दोनों की आराधना की जाती है. यह माना जाता है कि शिवजी पिछले कर्मों के दोष मिटाते हैं, वहीं हनुमान जी शत्रुओं, भय और कर्ज से मुक्ति दिलाते हैं. इस व्रत को करने से आत्मबल बढ़ता है और मन को शांति मिलती है.
ऐसे करें भौम प्रदोष व्रत पर पूजन : भौम प्रदोष पर व्रत रखने के बाद संध्या के समय पूजा करने का विशेष विधान है. सूर्य ढलने के आसपास स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें. फिर, पूजन स्थल पर भगवान शिव की स्थापना करें और दीप, धूप, पुष्प तथा भोग अर्पित करें. इसके बाद श्रद्धा से ‘ओम नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. पूजा के पश्चात अपनी मनोकामनाएं प्रभु को समर्पित करें और दूसरों की सहायता करने का संकल्प लें. यदि संभव हो तो इस काल में हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें, इससे मानसिक शक्ति, साहस और सुरक्षा प्राप्त होती है.
भौम प्रदोष व्रत को सफल बनाने के लिए कुछ नियमों का ध्यान रखना आवश्यक है-
- दिन भर फलाहार या जलाहार पर रहें, अनाज न खाएं.
- पूजा में भगवान शिव के साथ माता पार्वती का आह्वान करना न भूलें.
- शिव पूजा में केतकी और केवड़े का प्रयोग वर्जित माना गया है.
- यदि पूर्ण व्रत संभव न हो तो भोजन केवल सात्त्विक और संयमित रखें.
















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