नये साल 2026 के मंत्री होंगे मंगल, बनेगा अशुभ राजयोग; इन 3 राशियों के लिए रहेगा चुनौतीपूर्ण

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कुछ ही दिनों में नया वर्ष शुरू होने वाला है. इस नए साल में कई ग्रह युतियां और योगों का निर्माण करेंगे. ज्योतिषियों के अनुसार, साल 2026 के मंत्री मंगल होंगे. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस नए साल की शुरुआत में ही सूर्य-मंगल की युति से विस्फोटक राजयोग बनने जा रहा है. दरअसल, 14 जनवरी 2026 को सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और 18 जनवरी 2026 को मंगल भी मकर राशि में प्रवेश करेंगे. 

ज्योतिष शास्त्र में विस्फोटक राजयोग बहुत ही अशुभ योग माना जाता है. यह जब भी किसी की कुंडली में बनता है तो असफलता और नुकसान का सामना करना पड़ता है. तो आइए जानते हैं कि साल 2026 में होने जा रही मंगल-सूर्य की युति किन राशियों के लिए अशुभ मानी जा रही है. 

मेष: मेष राशि वालों पर इस युति का असर अधिक दिखाई दे सकता है क्योंकि मंगल इसी राशि का स्वामी है. साल 2026 में करियर और पैसों के मामलों में जल्दबाजी से बचना होगा. बिना सोचे-समझे लिए गए फैसले नुकसान करा सकते हैं. कार्यस्थल पर विवाद की स्थिति बन सकती है. गुस्से पर नियंत्रण न रखा गया तो संबंध भी बिगड़ सकते हैं.

वृषभ: वृषभ राशि सूर्य की राशि है, इसलिए सूर्य-मंगल की युति सिंह वालों के स्वभाव को और आक्रामक बना सकती है. इस दौरान अहंकार बढ़ने की आशंका है, जिससे बॉस, सहकर्मी या परिवार के लोगों से मतभेद हो सकते हैं. करियर में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, लेकिन अगर धैर्य नहीं रखा गया तो बना हुआ काम भी बिगड़ सकता है.

मिथुन: मिथुन राशि वालों के लिए यह युति बहुत ही अशुभ मानी जा रही है. ये युति मानसिक तनाव बढ़ा सकती है. अचानक गुस्सा, शक और असुरक्षा की भावना रिश्तों में दूरी ला सकती है. पैसों से जुड़े मामलों में जोखिम लेना भारी पड़ सकता है, इसलिए इस समय सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी होगा.

सिंह: सिंह राशि वालों के लिए सूर्य-मंगल की युति अंदरूनी बेचैनी और असमंजस पैदा कर सकती है. करियर को लेकर बड़े फैसले लेने की स्थिति बनेगी, लेकिन जल्दबाजी नुकसान दे सकती है. मित्रों और सहकर्मियों के साथ वैचारिक टकराव की संभावना भी रहेगी, इसलिए संवाद में संयम रखना जरूरी होगा.

वृश्चिक: वृश्चिक राशि संवेदनशील होती है और यह उग्र ग्रह युति मानसिक दबाव बढ़ा सकती है. साल 2026 में वृश्चिक राशि वालों को भावनाओं में बहकर फैसले लेने से बचना चाहिए. स्वास्थ्य और खर्च को लेकर चिंता बनी रह सकती है. आत्मविश्वास में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.

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