अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला, ट्रंप के आदेश पर राजधानी में गिराए बम; युद्ध की आशंका

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वेनेजुएला की सरकार ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने देश के कई राज्यों में नागरिक और सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. सरकार के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार शनिवार तड़के करीब 2 बजे राजधानी कराकास में कम से कम सात जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई, जबकि आसमान में नीची उड़ान भरते लड़ाकू विमान भी देखे गए.

ट्रंप ने दिया हमले का आदेश: अमेरिकी अधिकारियों ने सीबीएस न्यूज को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के अंदर कई स्थलों पर हमले का आदेश दिया है, जिनमें सैन्य सुविधाएं भी शामिल हैं। यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की उस मुहिम का हिस्सा है जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर दबाव बढ़ाया जा रहा है.

वेनेजुएला सरकार ने इन हमलों को अमेरिकी सैन्य आक्रमण करार दिया है और इसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने निंदा की है. सरकार के बयान में कहा गया कि हमले काराकास के अलावा मिरांडा, अरागुआ और ला गुआइरा राज्यों में हुए, जिनमें नागरिक और सैन्य स्थल प्रभावित हुए. राष्ट्रपति मादुरो ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है और सभी रक्षा योजनाओं को सक्रिय करने का आदेश दिया है.

हमले के बाद कराकास स्थित एक सैन्य अड्डे के हैंगर से धुआं उठता देखा गया, जबकि राजधानी की ही एक अन्य सैन्य फैसिलिटी की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. धमाकों के बाद शहर के कई इलाकों में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए. दूर-दराज के मोहल्लों से भी लोगों को सड़कों पर जमा होते देखा गया. कराकास की रहने वाली 21 वर्षीय ऑफिसकर्मी कारमेन हिडाल्गो ने बताया- पूरी जमीन हिल गई. यह बहुत डरावना था। हमने धमाके सुने और विमान देखे. ऐसा लगा जैसे हवा हमें जोर से टकरा रही हो. वह अपने दो रिश्तेदारों के साथ एक जन्मदिन की पार्टी से लौट रही थीं। पड़ोसी देश कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि कराकास पर बमबारी हो रही है.

सरकार का ऐलान: सड़कों पर उतरने की अपील, रक्षा योजनाएं सक्रिय वेनेजुएला सरकार ने जारी बयान में अपने समर्थकों से सड़कों पर उतरने की अपील की। बयान में कहा गया- लोग सड़कों पर आएं। बोलिवेरियन सरकार देश की सभी सामाजिक और राजनीतिक ताकतों से इस साम्राज्यवादी हमले के खिलाफ एकजुट होकर विरोध दर्ज कराने और इकट्ठा होने की योजनाएं सक्रिय करने का आह्वान करती है। सरकार ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने राष्ट्रीय रक्षा योजनाओं को तत्काल लागू करने के आदेश दिए हैं और देश में ‘बाहरी अशांति की स्थिति’ घोषित की गई है। इस पूरे घटनाक्रम पर पेंटागन और वाइट हाउस की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई।

ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई का संदर्भ: घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब हाल के दिनों में अमेरिकी सेना कथित ड्रग तस्करी में इस्तेमाल होने वाली नावों को निशाना बना रही है। शुक्रवार को वेनेजुएला ने कहा था कि वह ड्रग तस्करी से निपटने के लिए अमेरिका के साथ समझौते पर बातचीत के लिए तैयार है। इसी बीच, मादुरो ने गुरुवार को प्रसारित एक पूर्व-रिकॉर्डेड इंटरव्यू में आरोप लगाया था कि अमेरिका वेनेजुएला में सरकार बदलना चाहता है और देश के विशाल तेल भंडार तक पहुंच बनाने के लिए महीनों से दबाव की रणनीति अपना रहा है। उनके अनुसार, अगस्त में कैरेबियन सागर में बड़े पैमाने पर अमेरिकी सैन्य तैनाती इसी अभियान का हिस्सा थी।

मादुरो पर अमेरिका में आरोप, CIA ऑपरेशन का दावा: मादुरो पर अमेरिका में नार्को-टेररिज्म के आरोप लगाए गए हैं। हाल ही में यह भी दावा किया गया कि पिछले सप्ताह CIA ने एक ड्रोन स्ट्राइक की, जो कथित तौर पर वेनेजुएला के ड्रग कार्टेल्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक डॉकिंग एरिया को निशाना बनाती थी। यह सितंबर से नावों पर हमलों की शुरुआत के बाद वेनेजुएला की ज़मीन पर पहली ज्ञात प्रत्यक्ष अमेरिकी कार्रवाई बताई जा रही है।

ट्रंप की धमकियां और सैन्य जमावड़ा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीते कई महीनों से यह संकेत देते रहे हैं कि वे वेनेजुएला के जमीनी ठिकानों पर हमले का आदेश दे सकते हैं। अमेरिका ने वेनेजुएला के तट के पास प्रतिबंधित तेल टैंकरों को ज़ब्त भी किया है और ट्रंप ने अन्य जहाजों की नाकेबंदी के आदेश दिए, जिससे दक्षिण अमेरिकी देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने की कोशिश दिखाई दी।

अमेरिकी सेना सितंबर की शुरुआत से कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में नावों पर हमले कर रही है। ट्रंप प्रशासन के अनुसार, शुक्रवार तक 35 नावों पर हमले किए जा चुके हैं और इनमें कम से कम 115 लोगों की मौत हुई है। नवंबर में क्षेत्र में अमेरिका का सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत भी तैनात किया गया, जिससे दक्षिण अमेरिका के आसपास अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पीढ़ियों में सबसे बड़ी मानी जा रही है।

‘ड्रग्स के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष’ का दावा: ट्रंप ने इन हमलों को अमेरिका में ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए जरूरी कदम बताया है और कहा है कि अमेरिका ड्रग कार्टेल्स के साथ “सशस्त्र संघर्ष” में है। उधर, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी शनिवार को कराकास में हुए धमाकों की खबर दी और राजधानी के दृश्य दिखाए। ईरान और वेनेजुएला लंबे समय से करीबी माने जाते हैं, जिसकी एक बड़ी वजह दोनों देशों का अमेरिका के प्रति विरोध है।

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