2026 की पहली कालाष्‍टमी कब है? करें भगवान शिव के रौद्र रूप की करें उपासना

Spread the love

सनातन धर्म में हर तिथि किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित की गई है. कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी तिथि बाबा काल भैरव को समर्पित है. बाबा काल भैरव, भगवान शिव के रौद्र अवतार हैं. साल 2026 का पहला कालाष्‍टमी व्रत आने वाला है. चूंकि माघ महीने के कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी तिथि 2 दिन व्‍याप्‍त रहेगी, इस कारण कालाष्‍टमी व्रत रखने की सही तारीख को लेकर लोगों में कंफ्यूजन है.

माघ मास की कालाष्‍टमी: पंचांग के अनुसार ​माघ मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 10 जनवरी, शनिवार को सुबह 8 बजकर 24 मिनट पर आरंभ हो रही है और 11 जनवरी, रविवार को दोपहर में 11 बजकर 21 मिनट पर समाप्त होगी. काल भैरव की पूजा विशेष तौर पर रात में की जाती है इसलिए कालाष्‍टमी व्रत 10 जनवरी 2026 को रखा जाएगा. वहीं कालाष्‍टमी पर निशिता काल पूजा समय -10 जनवरी की रात 11:55 से मध्‍यरात्रि 12:47 बजे तक रहेगा. यानी कि पूजा के लिए 53 मिनट का समय मिलेगा.

कालाष्टमी पूजा विधि: कालाष्टमी के दिन सबसे पहले सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें. इसके बाद पूजा स्थान पर दीपक जलाएं या कालभैरव के मंदिर जाएं. भगवान कालभैरव को धूप, दीप, फूल और फल अर्पित करें. भगवान कालभैरव का ध्यान करें. ॐ कालभैरवाय नमः मंत्र का जप करें. इस दिन उपवास रखें. घर में कालभैरव की मूर्ति या चित्र न रखें. मंदिर में जाकर ही पूजा करें. इस दिन काले कुत्ते को भोजन अवश्य कराएं.

कालाष्टमी का महत्व :भगवान कालभैरव शिव जी के रौद्र रूप होने के साथ-साथ समय, न्याय और सुरक्षा के अधिपति माने जाते हैं. मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन पूजा करने से नकारात्मक शक्तियों के भय से मुक्ति मिलती है. इसके अलावा शत्रु बाधा कम होती है. साथ ही कालसर्प दोष, शनि और राहु के दुष्प्रभाव से भी राहत मिलती है.

कालाष्टमी पर करें कुत्‍ते की सेवा: कालाष्‍टमी व्रत रखने के साथ इस दिन बाबा काल भैरव की विधि-विधान से पूजा करें. बाबा काल भैरव को नारियल, इमरती का भोग लगाएं. कुछ जगहों पर काल भैरव को मदिरा भी अर्पित की जाती है. साथ ही काल भैरव चालीसा पढ़ें. बाबा काल भैरव के मंत्रों का जाप करें. इस दिन काले कुत्ते की सेवा करें, उसे दूध पिलाएं. कुत्ता बाबा भैरव का वाहन है.

साल 2026 की मासिक कालाष्‍टमी लिस्‍ट

10 जनवरी 2026, शनिवार – माघ कृष्ण अष्टमी
09 फरवरी 2026, सोमवार – फाल्गुन कृष्ण अष्टमी
11 मार्च 2026, बुधवार – चैत्र कृष्ण अष्टमी
10 अप्रैल 2026, शुक्रवार – वैशाख कृष्ण अष्टमी
09 मई 2026, शनिवार – ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी
08 जून 2026, सोमवार – अधिक मास कालाष्टमी
07 जुलाई 2026, मंगलवार – आषाढ़ कृष्ण अष्टमी
05 अगस्त 2026, बुधवार – श्रावण कृष्ण अष्टमी
04 सितम्बर 2026, शुक्रवार – भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
03 अक्टूबर 2026, शनिवार – अश्विन कृष्ण अष्टमी
01 नवंबर 2026, रविवार – कार्तिक कृष्ण अष्टमी
01 दिसंबर 2026, मंगलवार – कालभैरव जयंती, मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी
30 दिसंबर 2026 बुधवार – पौष कृष्ण अष्टमी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *