पुनीत शुक्ला, कानपुर।
कानपुर में पत्नी-बेटे के हत्यारे को इंस्पेक्टर ने रेलवे गार्ड बनकर पकड़ा. आरोपी की लोकेशन मिलते ही इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचे. आरोपी उन्हें पहचान न पाए, इसलिए गेटमैन से रेलवे गार्ड की ड्रेस, हेलमेट और हरी झंडी ली. ट्रैक पर खड़े हो गए.
इसी बीच, आरोपी खेतों से निकला. इंस्पेक्टर ने आरोपी को आवाज दी तो वह भागने लगा. एक किलोमीटर तक घाटमपुर इंस्पेक्टर ने हत्यारोपी का पीछा किया और पकड़ लिया. इसके बाद पुलिस की टीमों को बुलाया. आज पुलिस आरोपी सुरेंद्र यादव को कोर्ट में पेश करेगी.
दरअसल, 11 जनवरी की रात 9 बजे सुरेंद्र ने शराब पीने का विरोध करने पर 5 महीने की गर्भवती पत्नी और ढाई साल के बेटे को बांके से काट डाला था. वारदात के बाद लाश छोड़कर फरार हो गया था, तब से पुलिस सुरेंद्र की तलाश में जुटी हुई थी.

कैसे आरोपी को पकड़ा: घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि हम लोग आरोपी सुरेंद्र की तलाश में जुटे थे. सोमवार शाम को उसकी लोकेशन उसके गांव सर्देपुर के पास मिली. इसके बाद फोन बंद हो गया था. मैंने टीम को अलर्ट किया.
गांव से हाईवे की ओर आने वाले सभी रास्तों पर नाकाबंदी कर गश्त बढ़ा दी थी। मैं गोपालपुर रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचा। मैंने यहां गेटमैन से रेलवे गार्ड की ड्रेस और हेलमेट लिया। हाथ में हरी झंडी ली और पीला हेलमेट लगाकर रेलवे ट्रैक किनारे ढूंढने लगा।
इसके बाद पुलिस की एक टीम को गांव और खेतों की ओर भेजा. इसी बीच आरोपी खेतों से निकलकर बाहर आ गया. गार्ड बने पुलिस इंस्पेक्टर ने आरोपी को आवाज दी तो वह भागने लगा. 1 किमी उसका पीछा करके मैंने पकड़ लिया.

यह घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट हैं. इन्होंने रेलवे गार्ड बनकर आरोपी को पकड़ा.
आरोपी का कबूलनामा: आरोपी सुरेंद्र यादव उर्फ स्वामी ने पुलिस को बताया, ‘मैं बाहर से घर आया. मैंने पत्नी रूबी से खाना मांगा. मगर उसने कहा कि तुम शराब पी सकते हो तो खाना भी खुद ही बनाकर खा लो, सब्जी लाए नहीं हो. मैंने खुद आटा गूंथा और खाना बनाने लगा। तभी पत्नी शराब को लेकर मुझसे लड़ने लगी. मुझे भद्दी-भद्दी गालियां देने लगी. मुझे यह बात बर्दाश्त नहीं हुई. मुझे गुस्सा आ गया. मैंने बांके से रूबी को काट डाला. तभी मेरा बेटा रोने लगा. पकड़े जाने के डर से मैंने उसे भी मार डाला.’
















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